रांची : स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड की सभी पंचायतों में हेल्थ कॉटेज स्थापित किए जाएंगे, जहां इलाज के साथ-साथ स्वास्थ्य के अनुकूल वातावरण भी उपलब्ध कराया जाएगा। बुधवार को नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान में ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि राज्य में अबुआ मेडिकल स्टोर के माध्यम से लोगों को दवाएं सुलभ कराई जाएंगी। यहां दवाओं के उपयोग, साइड इफेक्ट और सेवन की विधि की जानकारी भी सरल भाषा में दी जाएगी। मंत्री ने बताया कि राज्य में 747 अबुआ मेडिकल स्टोर खोलने की प्रक्रिया जारी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नई नीति लाने की घोषणा भी की। इसके लिए जल्द ही एक टोल-फ्री नंबर जारी किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि कोविड जैसे कठिन समय में, जब लोग एक-दूसरे से दूर हो रहे थे, उस समय ई संजीवनी टेलीमेडिसिन ने लोगों को जोड़ने का काम किया।
कार्यशाला में राज्यभर के सिविल सर्जन, ई-संजीवनी टेलीमानस के प्रतिनिधि तथा कई स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री, विजय हांसदा एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा द्वारा ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन की प्रोटोकॉल गाइडलाइंस का अनावरण किया गया।
साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले 13 डॉक्टरों और 12 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन भ्रम और गलत इलाज से बचाने में अत्यंत प्रभावी है।
कार्यक्रम में सीएपीएचसी (आयुष्मान) के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. मुकेश मिश्रा ने विषय प्रवेश कराया तथा विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए।
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