- परिवहन के क्षेत्र में जल्द अव्वल होगा भारत : संजय सेठ
रांची : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने झारखंड में 303 करोड़ की लागत की दो प्रमुख सड़क योजना की सौगात दी है। वहीं, रांची आउटर रिंग रोड निर्माण के लिए 6000 करोड़ का आवंटन भी कर दिया। रांची में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रिमोट से ऑनलाइन राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (NH-33) से जुड़ी दो ग्रेड सेपरेटेड इंटरचेंज परियोजनाओं का शिलान्यास किया। कार्यक्रम रांची के नेवरी विकास में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री सह सांसद संजय सेठ ने कहा कि जल्द ही भारत परिवहन के क्षेत्र में अव्वल होगा। इस देश में प्रतिदिन 34 किलोमीटर सड़क बन रही है। हर साल नेशनल हाईवे 15000 किलोमीटर बन रहा। ओरमांझी से गोला एक्सप्रेस हाइवे बन रहा। झारखंड में 1500 किलोमीटर रोड बन रहा है। 45000 करोड़ खर्च किया जा रहा है। जल्द ही 17000 की 450 किलोमीटर रोड पर काम होगा। इनमें 200 किलोमीटर रांची वाराणसी रोड भी है।
रामगढ़ घाटी सड़क होगा चौड़ीकरण
संजय सेठ ने कहा कि वर्तमान में जो रिंग रोड है, वह शहर में हो गया है। ऐसे में आउटर रिंग रोड की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री ने उस पर सहमति दी थी। 195 किलोमीटर आउटर रिंग रोड के लिए डीपीआर अंतिम चरण में जल्द स्वीकृत होगा। केंद्र ने इसके लिए 6000 करोड़ का आवंटन भी कर दिया है। रांची को बड़ी सौगात मिलेगी।
उन्होंने कहा कि ओरमांझी में फ्लाईओवर, बहरागोड़ा में अंडरपास, चांडिल में ओवरब्रिज बन जाएगा। एनएच 33 में chhutupalu घाटी सड़क का चौड़ीकरण की मंजूरी मिल गया। रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर में राजभवन के पास अंडरपास बनाने का प्रस्ताव दिया है। गडकरी जी ने योजना बनाने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को ऑनलाइन शामिल होना था, लेकिन उनकी व्यस्तताओं की वजह वे शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
इन प्रोजेक्ट के लिए हुआ भूमि पूजन
परियोजनाओं में रामपुर भी चौक के पास प्रस्तावित ओवरब्रिज और ओरमांझी (इरबा) समीप विकास विद्यालय चौक पर बनने वाली भूमिगत सुरंग शामिल है। यह सड़क रांची से रामगढ़ को जोड़ती है। रांची रिंग रोड को कनेक्ट करेगी। रामपुर चौक ओवरब्रिज के निर्माण से NH-33 पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और सड़क सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। रांची से जमशेदपुर जाना आसान होगा। दुर्घटनाएं भी कम होंगी।
वहीं, ओरमांझी के विकास विद्यालय चौक पर बनने वाली अंडरपास (भूमिगत सुरंग) परियोजना रांची आने-जाने वाले यात्रियों के लिए सफर को अधिक सुगम बनाएगी।
यह स्थान अन्य जिलों से राजधानी में प्रवेश का प्रमुख मार्ग है, जहां अक्सर यातायात दबाव बना रहता है। दोनों प्रोजेक्ट दो साल पूरा हो जाएगा। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य महुआ मांझी, स्थानीय विधायक राजेश कच्छप, पूर्व विधायक समरी लाला, मेयर रोशनी खलखो तथा एनएचएआई के क्षेत्रीय पदाधिकारी मुकुंदा टि अत्तरदे, परियोजना पदाधिकारी एनएचआई विजय कुमार भी उपस्थित रहे।
टेंडर की प्रक्रिया पहले ही हो गई है पूरी
बताया गया कि सुरंग परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, जिससे इसके जल्द निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि इस परियोजना का भूमि पूजन शीघ्र कराया जाए, ताकि कार्य में तेजी आए। इन दोनों परियोजनाओं को रांची और आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी सौगात मानी जा रही है, जिससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।

