Jamshedpur : शहर के साकची स्थित मेडिसिस्ट ईएनटी एंड जनरल हॉस्पिटल में मंगलवार दोपहर इलाज को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा और मारपीट हो गई। इस दौरान अस्पताल के चिकित्सक डॉ. बीमरजीत प्रधान के साथ कुछ युवकों ने मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आई हैं।
घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही साकची थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि मारपीट करने वाले युवक मौके से फरार हो गए। डॉ. बीमरजीत प्रधान ने आरोप लगाया कि एक मरीज के परिजन जबरन उनके चैंबर में घुस आए और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने बताया कि करीब 30 युवक उनके कमरे में घुसे और टीएमएच में हुए इलाज का पूरा खर्च उठाने की धमकी देने लगे।
इलाज के दौरान बिगड़ी स्थिति, टीएमएच रेफर
डॉक्टर के अनुसार, 24 अप्रैल को मरीज को टॉन्सिल ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया था। ऑपरेशन के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन 29 अप्रैल को दोबारा ब्लीडिंग की शिकायत के साथ मरीज वापस आया। इलाज के बाद स्थिति नियंत्रित हुई और 3 मई तक मरीज अस्पताल में भर्ती रहा। हालांकि 3 मई को फिर से ब्लीडिंग शुरू होने पर मरीज को टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) रेफर किया गया, जहां फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
परिजनों का आरोप लापरवाही से बिगड़ी हालत
मरीज राजहंस कुमार के परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद सही इलाज नहीं हुआ, जिससे लगातार ब्लीडिंग होती रही और मरीज की हालत गंभीर हो गई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए टीएमएच में हुए इलाज का खर्च मेडिसिस्ट अस्पताल से दिलाने की मांग की है।
आईएमए ने जताया विरोध
घटना की सूचना मिलने पर आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के महासचिव सौरभ चौधरी अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर के साथ हुई मारपीट की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि गलत इलाज या फीस को लेकर डॉक्टरों के साथ हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक है। आईएमए ने चेतावनी दी है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए संगठन कदम उठाएगा। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की बात कही जा रही है।

