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Ghatsila suicide case : आर्थिक तंगी के कारण पीडीएस दुकानदार ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में लिखा कारण

Jharkhand Hindi News : नौ माह से कमीशन नहीं मिलने के कारण रह रहे थे परेशान, सहारा इंडिया में भी फंसा था पैसा

by Rajesh Choubey
Ghatsila suicide case
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घाटशिला : थाना क्षेत्र के पुराना बनकाटी गांव में बुधवार सुबह पीडीएस डीलर मृणाल कुमार रजक (61) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव गांव के पास धाड़मोरा तालाब के समीप डूमर पेड़ से लटका मिला। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गयी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गये।

सुबह सात बजे घर से निकले, मिली लाश

जानकारी के अनुसार मृणाल सुबह करीब सात बजे घर से निकले थे। कुछ देर बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान नाला किनारे पेड़ से उनका शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर घाटशिला थाना प्रभारी राजेंद्र मुंडा, एसआई गौतम कुमार और रजनीश आनंद मौके पर पहुंचे तथा जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए घाटशिला अनुमंडल अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम डॉ शंकर टुडू ने किया। बाद में गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।

क्या लिखा है सुसाइड नोट में

पीडीएस दुकान से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें मृणाल रजक ने लिखा है कि वे पीडीएस दुकानदार हैं और करीब नौ माह से कमीशन नहीं मिलने के कारण परिवार चलाने में भारी परेशानी हो रही थी। साथ ही सहारा इंडिया में पैसा फंसने से भी वे मानसिक तनाव में थे।

चार से पांच लाख रुपये बकाया था कमीशन

मृतक के पुत्र शिवनाथ रजक और आलोक रजक ने बताया कि उनके पिता राशन डीलर थे। करीब चार से पांच लाख रुपये कमीशन बकाया था। कई बार आवाज उठाने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। मंगलवार को ही वे इस मामले को लेकर जमशेदपुर बैठक में गये थे। परिजनों के अनुसार लगातार जांच, बढ़ते नियम और आर्थिक दबाव के कारण वे काफी तनाव में रहने लगे थे।

सहारा में भी फंसा था पैसा

बताया गया कि सहारा इंडिया के एजेंट भी थे और सहारा में उनका करीब डेढ़ करोड़ रुपये मैच्योरिटी का पैसा फंसा हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि मृणाल रजक व्यवहार कुशल और ईमानदार राशन डीलर थे। मौके पर मुखिया प्रतिनिधि जुझार सोरेन, पंसस जगन्नाथ कालिंदी, समाजसेवी कालीराम शर्मा समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

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