RANCHI : टेंडर कमीशन घोटाला मामले के चार्जशीटेड आरोपी और रिटायर्ड असिस्टेंट इंजीनियर रामपुकार राम ने पीएमएलए की विशेष कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। कोर्ट ने यह शर्त भी रखी है कि उन्हें सुनवाई की हर निर्धारित तिथि पर कोर्ट में उपस्थित होना होगा।
इस मामले में ईडी ने 14 आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट द्वारा संज्ञान लेने के बाद सभी आरोपियों को समन जारी किया गया था। जानकारी के अनुसार अधिकांश आरोपी कोर्ट में सरेंडर कर चुके हैं। टेंडर कमीशन घोटाला मामले में ईडी ने पहली बड़ी कार्रवाई साल 2023 में की थी। उस दौरान कई इंजीनियरों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इसके बाद 6 मई 2024 को दूसरी बड़ी कार्रवाई हुई, जिसमें इंजीनियरों, ठेकेदारों और कांट्रैक्टरों के ठिकानों पर रेड डाली गई।
जांच के दौरान पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के ओएसडी रहे संजीव लाल के नौकर के ठिकाने से 30 करोड़ रुपये से अधिक नकद बरामद किए गए थे। वहीं ठेकेदार मुन्ना सिंह के ठिकाने से 2.93 करोड़ और कांट्रैक्टर राजीव सिंह के यहां से 2.14 करोड़ रुपये मिले थे। इसके बाद बरामदगी के बाद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ईडी के रडार पर आए। पूछताछ के बाद 15 मई 2024 को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। फिलहाल आलमगीर आलम और संजीव लाल दोनों जेल में बंद हैं।

