
RANCHI: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने शनिवार को मतदाता सूची पुनरीक्षण और निजी अस्पतालों की व्यवस्था को लेकर एक साथ कई अलग अलग बैठकों का आयोजन किया। इन बैठकों में विकास कार्यों की प्रगति, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और निजी अस्पतालों में सुरक्षा व नियमों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
उपायुक्त ने जिले में चल रही विकास परियोजनाओं और भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की नारो-टिकराटोली परियोजना और कोयलारी-रामपुर इंटरचेंज के लिए लंबित मुआवजा भुगतान को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया। साथ ही रेलवे की लिंक लाइन लोधमा और इलू-सिल्ली परियोजनाओं में भी रैयतों को शीघ्र मुआवजा देने पर बल दिया गया। कांटाटोली-सिरमटोली फ्लाईओवर समेत अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए उपायुक्त ने चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से की अपील
इसी दिन समाहरणालय सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक हुई। उपायुक्त ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। झारखंड में SIR की क्वालीफाइंग डेट 1 अक्टूबर 2026 तय की गई है, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 अक्टूबर 2026 को होगा। राजनीतिक दलों से बूथ स्तर पर BLA-2 की जल्द नियुक्ति करने और अधिक से अधिक मतदाताओं को जागरूक करने की अपील की गई।
निजी अस्पतालों को दो टूक
वहीं, निजी अस्पतालों और इंश्योरेंस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में उपायुक्त ने अस्पतालों में फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिकल ऑडिट को अनिवार्य रूप से कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ICU, जनरेटर, एसी और इलेक्ट्रिकल वायरिंग की नियमित जांच विशेषज्ञों से कराई जाए ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। अल्ट्रासाउंड केंद्रों को लिंग निर्धारण कानून का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई। इतना ही नहीं उपायुक्त ने निजी अस्पतालों में बिल नहीं चुकाने पर मरीजों के शव रोकने की शिकायतों पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए इसे क्लिनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट और सरकारी आदेश का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि बिल बकाया होने पर निजी अस्पताल शव को नहीं रोकेंगे। साथ ही डेंगू, मलेरिया, टीबी जैसी संक्रामक बीमारियों की समय पर सूचना प्रशासन को देने और बायो मेडिकल वेस्ट के उचित निपटान के निर्देश भी दिए गए।

