
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह संवेदनशील है और हर स्तर पर संवाद के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार की इच्छा है कि छात्रों के मन में जो भी सवाल, सुझाव या जिज्ञासाएं हैं, उन्हें खुलकर रखा जाए, ताकि बातचीत के माध्यम से उनका समाधान निकाला जा सके।
शुक्रवार को झारखंड विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा छात्रों की बात सुनने के पक्ष में रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी छात्र-छात्राओं को अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है और सरकार उनके सुझावों का स्वागत करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे का स्थायी समाधान संवाद और आपसी विश्वास से ही निकल सकता है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार चाहती है कि छात्रों से जुड़ा संवाद किसी एक स्थान या सीमित दायरे तक न रहे, बल्कि पूरे राज्य के छात्र-छात्राएं इसमें अपनी भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं के सुझावों और विचारों के आधार पर सरकार बड़े सुधार (रिफॉर्म) की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है, जिससे शिक्षा और भर्ती व्यवस्था को अधिक पारदर्शी तथा मजबूत बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य छात्रों की जिज्ञासाओं को शांत करना और उनकी चिंताओं का समाधान करना है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार हर छात्र-छात्रा के भविष्य को लेकर गंभीर है और उनकी हर उचित मांग एवं सुझाव पर सकारात्मक सोच के साथ विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के विश्वास को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी संवाद की प्रक्रिया जारी रहेगी, ताकि छात्रों की भागीदारी के साथ राज्य में बेहतर और व्यापक सुधार लागू किए जा सकें।

