RANCHI: झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने मंगलवार को मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से योग्य मतदाताओं के नाम हटने का खतरा बढ़ गया है। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि पार्टी एसआइआर का विरोध नहीं कर रही, लेकिन इसकी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए ताकि कोई पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न हो।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस राज्यभर में बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त कर रही है। झारखंड के 29 हजार बूथों में से अब तक 17,281 बीएलए की नियुक्ति की जा चुकी है। राज्य में 2 करोड़ 64 लाख मतदाताओं की मैपिंग होनी है, लेकिन अभी भी करीब 70 लाख मतदाताओं की मैपिंग बाकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआइआर के दो चरणों में देशभर में लगभग छह करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं और अगले चरण में चार करोड़ नाम और हटने की आशंका है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए केवल भाषण दे रहे हैं। उन्होंने पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी, महंगाई, रुपये के अवमूल्यन और युवाओं की समस्याओं को लेकर सरकार की आलोचना की। नीट पेपर लीक मामले में भी उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा। प्रदीप यादव ने जातिगत जनगणना और सरना धर्म कोड को महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए कहा कि कांग्रेस इन सवालों पर संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि बिहार और बंगाल जैसी स्थिति झारखंड में नहीं होने दी जाएगी। मौके पर राकेश सिन्हा, सोनाल शांति, सूर्यकांत शुक्ला, कमल ठाकुर और राजन वर्मा भी मौजूद थे।
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