RANCHI : भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड के कथित ट्रेजरी घोटाले को लेकर एक बार फिर हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने मंगलवार को प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मामले की जांच को जानबूझकर धीमा कर रही है और तथ्यों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि घोटाला सामने आने के बाद सरकार ने लंबे समय तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया और बाद में दबाव बढ़ने पर एसआईटी का गठन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन ट्रेजरी अधिकारियों और डीडीओ के कार्यकाल में यह घोटाला हुआ, वे अब भी अपने पदों पर बने हुए हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि राज्य सरकार ने 17 अप्रैल 2026 को एजी से विशेष ऑडिट कराने की अनुशंसा की थी। एजी कार्यालय ने उसी सप्ताह संबंधित दस्तावेजों की मांग की, लेकिन डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकार ने जरूरी कागजात उपलब्ध नहीं कराए हैं। उन्होंने कहा कि इसी वजह से विशेष ऑडिट प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
उन्होंने एसआईटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दो महीने बीत जाने के बाद भी जांच टीम केवल बोकारो जिले का दौरा कर सकी है और अब तक कोई रिपोर्ट सरकार को नहीं सौंपी गई है। जबकि पहले चरण में बोकारो, हजारीबाग, रांची, रामगढ़ और देवघर सहित पांच जिलों की जांच की जानी थी। प्रतुल शाह देव ने चारा घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड सरकार को पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के मामले से सबक लेना चाहिए। उन्होंने मांग की कि एसआईटी जांच के लिए समय-सीमा तय की जाए और जांच की गति बढ़ाई जाए, अन्यथा मामले को केंद्रीय एजेंसी को सौंप दिया जाए।

