Ranchi : जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाने वाले झारखंड के आठ हॉकी खिलाड़ी मंगलवार को रांची लौटे। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों के स्वागत के लिए खेल प्रेमियों, परिजनों, कोचों और हॉकी झारखंड के पदाधिकारियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। खिलाड़ियों के पहुंचते ही एयरपोर्ट परिसर उत्साह और खेल भावना से सराबोर हो गया।
दिल्ली में हॉकी इंडिया द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में शामिल होने के बाद सभी खिलाड़ी अपने गृह राज्य पहुंचे। एयरपोर्ट पर पारंपरिक तरीके से उनका अभिनंदन किया गया। खिलाड़ियों को फूल-मालाएं पहनाई गईं, ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया और उनके सम्मान में जमकर नारेबाजी भी हुई। इस दौरान मौजूद लोगों ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए उन्हें बधाई दी।
जापान के काकामीगाहारा में 29 मई से 6 जून तक आयोजित अंडर-18 एशिया कप में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारतीय महिला टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। दोनों टीमों की सफलता में झारखंड के खिलाड़ियों ने अहम भूमिका निभाई।
पुरुष टीम में झारखंड के आशीष तनी पूर्ति और प्रेमचंद शामिल थे। आशीष ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में टीम की जीत में निर्णायक योगदान दिया। वहीं प्रेमचंद ने भी अपने खेल से प्रभावित करते हुए स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा बने रहे।
महिला टीम में झारखंड की संदीपा कुमारी, पुष्पा मांझी, सुगन सांगा, खिली कुमारी, नीलम टोपनो और श्रुति कुमारी शामिल थीं। इन खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारत को कांस्य पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वागत समारोह के दौरान हॉकी झारखंड के महासचिव विजय शंकर सिंह ने कहा कि यह झारखंड के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि राज्य की धरती हमेशा से हॉकी प्रतिभाओं को जन्म देती रही है और यहां के खिलाड़ियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उचित अवसर और संसाधन मिलने पर वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अंडर-18 एशिया कप में झारखंड के आठ खिलाड़ियों का भारतीय टीम का हिस्सा बनना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। पुरुष टीम का स्वर्ण और महिला टीम का कांस्य पदक जीतना राज्य के हॉकी इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है। हॉकी झारखंड भविष्य में भी खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देता रहेगा।
विजय शंकर सिंह ने कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता राज्य के हजारों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। आने वाले वर्षों में झारखंड से और अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाएंगे।
इस अवसर पर अशोक भगत, आश्रिता लकड़ा, दशरथ महतो, हॉकी कोच करुणा पूर्ति, दूलारी टोपनो, मनीष समेत कई खेल प्रेमी मौजूद रहे। सभी ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
एयरपोर्ट परिसर में स्वागत के दौरान “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम” और “हॉकी जिंदाबाद” के नारे गूंजते रहे। खिलाड़ियों ने भी इस सम्मान के लिए झारखंडवासियों का आभार जताया और कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा। झारखंड के इन युवा खिलाड़ियों की उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राज्य भारतीय हॉकी का मजबूत केंद्र बना हुआ है।

