
Jamshedpur : देश की अग्रणी इस्पात कंपनी टाटा स्टील ने प्लांट परिसर में सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर चरणबद्ध प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। कंपनी ने इस महत्वपूर्ण पहल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए स्टीयरिंग कमेटी और वर्किंग कमेटी का गठन किया है।
यह पहल टाटा स्टील के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक टी. वी. नरेंद्रन की उस नीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें औद्योगिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘जीरो एक्सीडेंट’ (Zero Accident) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कंपनी प्लांट परिसर में कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध तरीके से बस सेवा शुरू करने की योजना पर भी काम कर रही है, ताकि दोपहिया वाहनों पर निर्भरता समाप्त की जा सके।
स्टीयरिंग कमेटी करेगी नीति निर्धारण
कंपनी ने टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) डी.बी. सुंदरा रामम को स्टीयरिंग कमेटी का चेयरपर्सन नियुक्त किया है, जबकि चीफ कॉरपोरेट सर्विसेज बरुण बजाज को संयोजक बनाया गया है। समिति में सीपीओ आत्रेयी सान्याल, वीपी अक्षय खुल्लर, चैतन्य भानु, प्रबॉल घोष, राजीव मंगल तथा टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी को सदस्य बनाया गया है। यह समिति प्लांट परिसर में दोपहिया वाहनों पर रोक, कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था, सुरक्षा मानकों, संचालन संबंधी नीतियों और आवश्यक दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप देगी।
स्टीयरिंग कमेटी के निर्णयों को लागू करने के लिए गठित वर्किंग कमेटी की अध्यक्षता चीफ सेफ्टी नीरज कुमार सिन्हा करेंगे, जबकि वैभव गुप्ता इसके संयोजक होंगे। समिति में जुबिन पालिया, यशवंत कुमार पांडेय, अभिजीत नानोती, अभिजीत राय, जीतेंद्र सिंह शेखावत, बरुण बजाज के अलावा टाटा वर्कर्स यूनियन के महासचिव सतीश कुमार सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह को शामिल किया गया है।
वर्किंग कमेटी का दायित्व नई सुरक्षा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू करना, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी करना होगा।
बस सेवा होगी नई परिवहन व्यवस्था का आधार
टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) डी.बी. सुंदरा रामम ने 7 जून को बेल्डीह क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संकेत दिया था कि कंपनी प्लांट परिसर में दोपहिया वाहनों के उपयोग को समाप्त कर कर्मचारियों के लिए बस आधारित परिवहन व्यवस्था शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अब समितियों के गठन के साथ इस योजना को अमलीजामा पहनाने की दिशा में कंपनी ने औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल की तैयारी
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह व्यवस्था सफलतापूर्वक लागू होती है तो टाटा स्टील देश के औद्योगिक क्षेत्र में कर्मचारी सुरक्षा के लिए एक नई मिसाल कायम कर सकती है। प्लांट परिसर में वाहनों की आवाजाही कम होने से दुर्घटनाओं की आशंका घटेगी, यातायात अधिक सुव्यवस्थित होगा और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह पहल टाटा स्टील की ‘सेफ्टी फर्स्ट’ संस्कृति को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

