Home » Security Cover: सुरक्षा कारणों और ठूंस-ठूंसकर जवानों को ले जाने से बेहतर गाड़ियां लौटा दीं : वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर

Security Cover: सुरक्षा कारणों और ठूंस-ठूंसकर जवानों को ले जाने से बेहतर गाड़ियां लौटा दीं : वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर

उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र से आते है, रास्ते में हमला होगा तो जवानों को पोजीशन लेने में होती परेशानी

by Nikhil Kumar
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सुरक्षा गार्डों और एस्कॉर्ट वाहनों को वापस किए जाने के मामले पर अपनी सफाई देते हुए कहा कि यह फैसला पूरी तरह सुरक्षा कारणों से लिया गया। उन्होंने बताया कि मंत्री के रूप में उन्हें 16 पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन उनके लिए केवल तीन वाहन दिए गए थे। ऐसी स्थिति में जवानों को एक-दूसरे से सटकर बैठना पड़ता था, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता।

वाहनों में ठूंस-ठूंस कर बैठ रहे थे जवान, पोजीशन नहीं ले पाने में परेशानी
द फोटोन न्यूज़ के मुख्य संवाददाता से बातचीत में वित्त मंत्री ने कहा कि वे नक्सल प्रभावित क्षेत्र से आते हैं। यदि रास्ते में हमला होता, तो वाहनों में ठूंस-ठूंसकर बैठे जवान तुरंत अपनी पोजीशन नहीं ले पाते और न ही प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई कर सकते थे। गोली चलाना भी उनके लिए मुश्किल था। उन्होंने कहा कि एक बोलेरो में इंसास राइफल जैसे हथियारों के साथ पर्याप्त संख्या में जवानों का सुरक्षित तरीके से बैठना संभव नहीं था।

तीन माह पहले ही अतिरिक्त वाहन देने के लिए लिखा था पत्र , उल्टे एक वाहन लौटा दिए

राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि उन्होंने करीब तीन महीने पहले ही झारखंड के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर सुरक्षा के लिए अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। लेकिन पत्र का कोई जवाब नहीं मिला। इसके विपरीत प्रशासन ने एक और वाहन वापस करने को कह दिया। उन्होंने कहा कि जब न तो उनकी मांग पर कोई कार्रवाई हुई और न ही पत्र का जवाब मिला, तब सुरक्षा कारणों से उन्होंने सभी एस्कॉर्ट वाहन वापस करने का निर्णय लिया। साथ ही यह भी कहा कि यदि ऐसी ही व्यवस्था रहनी है तो सुरक्षा गार्ड भी वापस ले लिए जाएं।

बिना सुरक्षा गार्ड की आगमन कर रहे हैं
उन्होंने बताया कि वर्तमान में वे बिना सुरक्षा गार्ड के ही आवागमन कर रहे हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में पुलिस सुरक्षा घेरे में भी हत्याओं की घटनाएं सामने आई हैं, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था केवल औपचारिक नहीं बल्कि प्रभावी होनी चाहिए।

सीएम को नहीं दी जानकारी खुद सुलझाएंगे मसला

मुख्यमंत्री को इस मामले की जानकारी दिए जाने के सवाल पर राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री से कोई चर्चा नहीं की है। उन्होंने कहा, “जब तक मैं मंत्री हूं, यह मेरा मामला है। मैं और मेरे विभाग के अधिकारी ही इस पूरे मसले को देखेंगे। मैं स्वयं प्रयास करूंगा कि सुरक्षा के लिए आवश्यक वाहन उपलब्ध कराए जाएं।”

Related Articles

Leave a Comment