
रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के समाहरणालयों में कार्यरत लिपिकीय कर्मचारियों की भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तों के लिए नई झारखंड राज्य समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तें) नियमावली-2026 लागू कर दी है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी। इसके साथ ही वर्ष 2016 की नियमावली को निरस्त कर दिया गया है, हालांकि उसके तहत की गई नियुक्तियां और प्रशासनिक कार्रवाई वैध मानी जाएंगी।
नई नियमावली के तहत समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग का पुनर्गठन किया गया है। अब संवर्ग में सहायक-सह-कंप्यूटर संचालक, वरीय सहायक, सहायक प्रशासी पदाधिकारी, प्रशासी पदाधिकारी ग्रेड-2 और प्रशासी पदाधिकारी ग्रेड-1 के पद होंगे। वर्तमान में कार्यरत निम्नवर्गीय लिपिक, उच्चवर्गीय लिपिक, प्रधान लिपिक और कार्यालय अधीक्षक जैसे पदों को नई पदनाम व्यवस्था में शामिल किया गया है।
नियमावली के अनुसार सहायक-सह-कंप्यूटर संचालक के 85 प्रतिशत पद सीधी भर्ती तथा 15 प्रतिशत पद समूह ‘घ’ के कर्मचारियों के लिए सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से भरे जाएंगे। रिक्तियों की गणना प्रत्येक वर्ष एक जनवरी को आधार तिथि मानकर की जाएगी।
सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता इंटरमीडिएट (10+2) निर्धारित की गई है। अभ्यर्थियों के लिए कंप्यूटर पर हिंदी टाइपिंग में कम से कम 20 शब्द प्रति मिनट की गति तथा अधिकतम पांच प्रतिशत अशुद्धि के साथ टाइपिंग अनिवार्य होगी। चयन झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा के माध्यम से होगा। आयोग मेधा सूची तैयार कर विभाग को अनुशंसा भेजेगा, जिसके आधार पर नियुक्ति की जाएगी।
नियुक्त कर्मी 2 वर्ष तक परीक्षाधीन रहेंगे
नई व्यवस्था के तहत नियुक्त कर्मी दो वर्ष तक परिवीक्षाधीन रहेंगे। इस दौरान उन्हें कम से कम तीन माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सेवा की पुष्टि के लिए कार्मिक विभाग की हिंदी टिप्पण एवं प्रारूपण परीक्षा तथा राजस्व पर्षद की लेखा परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। हिंदी टिप्पण एवं प्रारूपण परीक्षा पास करने के बाद ही पहली वेतनवृद्धि मिलेगी। परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहने पर वेतनवृद्धि रोकी जाएगी और उत्तीर्ण होने के बाद ही उसका लाभ मिलेगा, लेकिन बकाया वेतन नहीं मिलेगा।
संवर्गीय पदों का अनुपात भी तय हुआ
नई नियमावली में संवर्गीय पदों का अनुपात भी तय किया गया है। अधिकृत बल का 45 प्रतिशत सहायक-सह-कंप्यूटर संचालक, 30 प्रतिशत वरीय सहायक, 20 प्रतिशत सहायक प्रशासी पदाधिकारी और पांच प्रतिशत प्रशासी पदाधिकारी ग्रेड-2 के लिए निर्धारित किया गया है। प्रत्येक समाहरणालय में प्रशासी पदाधिकारी ग्रेड-1 का केवल एक पद रहेगा तथा प्रत्येक अनुमंडल में कम-से-कम एक प्रशासी पदाधिकारी ग्रेड-2 की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
प्रोन्नति वरीयता के साथ-साथ योग्यता के आधार पर होगी
प्रोन्नति वरीयता-सह-योग्यता के आधार पर होगी। इसके लिए पांच सदस्यीय प्रोन्नति समिति गठित की जाएगी, जिसमें अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का एक प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से शामिल रहेगा। प्रोन्नति में राज्य सरकार की आरक्षण नीति और रोस्टर लागू होगा तथा समेकित वरीयता सूची के आधार पर पदोन्नति दी जाएगी।
3 वर्ष से अधिक समय तक कोई भी कर्मी एक कार्यंलय में पदस्थापित नहीं होगा
स्थानांतरण संबंधी प्रावधान में कहा गया है कि कोई भी कर्मचारी एक ही कार्यालय में तीन वर्ष से अधिक समय तक पदस्थापित नहीं रहेगा। अवकाश, सेवा पुस्तिका, प्रशिक्षण और अनुशासनिक कार्रवाई से संबंधित मामलों में राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी नियम और निर्देश लागू होंगे।
संवर्गीय संरचना में बड़ा बदलाव, पांच पदों का नया ढांचा और वेतनमान तय
नई झारखंड राज्य समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तें) नियमावली-2026 के तहत समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग को पांच पदों में पुनर्गठित किया गया है। मूल कोटि का पद सहायक-सह-कम्प्यूटर संचालक होगा, जिसका वेतनमान ₹5,200-20,200 (पीबी-1), ग्रेड पे ₹1,900 तथा लेवल-2 निर्धारित किया गया है। इसके बाद वरीय सहायक का पद होगा, जिसका वेतनमान ₹5,200-20,200 (पीबी-1), ग्रेड पे ₹2,400 एवं लेवल-4 रहेगा। इस पद पर दो वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने के बाद ग्रेड पे ₹2,800 (लेवल-5) का वरीय वेतनमान मिलेगा। इसके ऊपर सहायक प्रशासी का पद होगा, जिसका वेतनमान ₹9,300-34,800 (पीबी-2), ग्रेड पे ₹4,200 तथा लेवल-6 निर्धारित किया गया है। इसके बाद प्रशासी पदाधिकारी ग्रेड-2 का पद होगा, जिसका वेतनमान ₹9,300-34,800 (पीबी-2), ग्रेड पे ₹4,600 एवं लेवल-7 रहेगा। संवर्ग का सर्वोच्च पद प्रशासी पदाधिकारी ग्रेड-1 होगा, जिसका वेतनमान ₹9,300-34,800 (पीबी-2), ग्रेड पे ₹4,800 तथा लेवल-8 निर्धारित किया गया है। इस पद पर चार वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने के बाद ग्रेड पे ₹5,400 (लेवल-9) का वरीय वेतनमान मिलेगा।

