
जमशेदपुर: नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी को पूरी तरह नशा मुक्त संस्थान बनाने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। विश्वविद्यालय परिसर में नशीले पदार्थों की रोकथाम और पहचान के लिए आधुनिक ‘एडवांस सलाइवा एंड सरफेस रेसिड्यू ड्रग एनालाइजर’ मशीन खरीदेगा। विश्वविद्यालय की कुलसचिव (प्रभारी) डॉ. सलोमी कुजुर द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस अत्याधुनिक पोर्टेबल डिवाइस की आपूर्ति के लिए पात्र वेंडरों से कोटेशन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक वेंडर आवश्यक ईएमडी के साथ 11 जुलाई 2026 की शाम 4:00 बजे तक अपना कोटेशन जमा कर सकते हैं। यह मशीन लार (सलाइवा) और किसी सतह पर मौजूद नशीले पदार्थों के अवशेषों की तुरंत जांच करने में सक्षम है। इस मशीन के आने के बाद विवि परिसर में जांच अभियान चलाया जाएगा जिसके जरिए छात्राओं, शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की समय समय पर जांच की जाएगी। यह डिवाइस संदिग्ध की तस्वीर खींचने वाले कैमरे, जीपीएस और इनबिल्ट प्रिंटर से लैस होगी, जिससे परिसर में नशा करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।
विश्वविद्यालय परिसर में प्रतिबंधित नशीली वस्तुएं:
संस्थान की ओर से जारी तकनीकी विनिर्देशों के अनुसार, परिसर में सुरक्षा और जांच के दायरे को बढ़ाते हुए कुल 7 प्रमुख ड्रग श्रेणियों (नशीली वस्तुओं) को पूरी तरह प्रतिबंधित सूची में रखा गया है, जिनकी जांच इस मशीन द्वारा की जा सकेगी। विवि ने बकायदे इन पदर्थों की सूची अपनी वेबसाइट पर भी डाल दिया है। इसके अतिरिक्त कोटिनिन, मेथाडोन और ऑक्सीकोडोन जैसे अन्य 7 नशीले अवयवों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
विवि ने इन पदार्थों को किया प्रतिबंधित:
:: कैनबिस (गांजा/भांग)
:: कोकीन
:: ओपिएट्स (अफीम आधारित पदार्थ)
:: एम्फ़ैटेमिन और मेथमफेटामाइन
:: बेंजोडायजेपाइन (नशीली दवाएं)
:: ट्रामाडोल और बुप्रैनोर्फिन
:: फेंटानिल और एलएसडी

