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Jamshedpur news : ‘चिन्मय अमृत यात्रा’ के दिव्य आगमन से भारतीय संस्कृति से अनुप्राणित हुआ विद्यालय परिसर

चिन्मय मिशन के 75वें अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित 'चिन्मय अमृत यात्रा' का हुआ स्वागत

by Arvind Shrivastava
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Jamshedpur: टेल्को विद्या भारती चिन्मय विद्यालय में चिन्मय मिशन के 75वें अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित ‘चिन्मय अमृत यात्रा’ का हुआ स्वागत किया गया। सम्पूर्ण विद्यालय परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, गुरु-भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से आलोकित हो उठा।
प्रातःकाल सर्वप्रथम चिन्मय अमृत यात्रा वाहिनी विद्यालय के अंकुरम् कैंपस पहुँची, जहाँ विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव विष्णु चंद्र दीक्षित एवं प्रियंका दीक्षित ने पूज्य गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद की पावन चरण पादुका को श्रद्धापूर्वक अपने मस्तक पर धारण कर अंकुरम् परिसर में प्रवेश कराया। इसके उपरांत वैदिक मंत्रोच्चार एवं भक्तिमय वातावरण में गुरुदेव की चरण पादुका का पूजन एवं आरती संपन्न हुई।                                            भव्य रथ यात्रा का शुभारंभ
अंकुरम् परिसर से गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद की प्रतिमा एवं पावन चरण पादुका की भव्य रथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। सांस्कृतिक परिधानों में सुसज्जित विद्यार्थियों, विद्यालय के एनसीसी कैडेट्स, हाथों में स्वामी चिन्मयानंद की अमृतवाणी की तख्तियां लिए विद्यार्थियों तथा झारखंड की लोक-सांस्कृतिक वेशभूषा में मनोहारी नृत्य प्रस्तुत करती छात्राओं के मध्य यह शोभायात्रा अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं आध्यात्मिक वातावरण के साथ विद्या भारती चिन्मय विद्यालय के मुख्य परिसर पहुँची।                        पावन पादुका का हुआ पारंपरिक स्वागत                                  मुख्य विद्यालय परिसर में प्रवेश से पूर्व मंत्रोच्चार,शंखनाद, पूर्णकुंभम् एवं पुष्पवर्षा के साथ चिन्मय मिशन के पूज्य संन्यासी एवं संन्यासिनी, मिशन के स्वयंसेवी अतिथि दल तथा गुरुदेव की प्रतिमा व पावन पादुका का पारंपरिक स्वागत किया गया। इस दिव्य दृश्य ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव विष्णु चंद्र दीक्षित ने गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद की पावन चरण पादुका को श्रद्धापूर्वक अपने मस्तक पर धारण कर विद्यालय परिसर में प्रवेश किया।
इसके उपरांत विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ‘गुरु पादुका स्तोत्रम्’ पर आधारित भावपूर्ण नृत्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। तत्पश्चात शिक्षकगण, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं अतिथियों की सहभागिता में गुरुदेव की पावन चरण पादुका का सामूहिक पूजन एवं महाआरती संपन्न हुई।                चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की गौरवगाथा पर आधारित वीडियो प्रस्तुत
सभी ने चिन्मय वाहिनी के दर्शन किए, जिसके भीतर गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद की दिव्य प्रतिमा के साथ उनकी आध्यात्मिक यात्रा के दौरान प्रयुक्त वस्तुएं भी प्रदर्शित थीं। विद्यालय के ज्ञानम् (ऑडियो-विजुअल) सभागार में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी व्याख्यान आयोजित किए गए। गुरुदेव के जीवन, उनके वेदांत संदेशों तथा चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की गौरवगाथा पर आधारित वीडियो प्रस्तुति ने सभी को प्रेरित किया।
सायंकाल आयोजित भजन संध्या में विद्यालय की भजन मंडली ने ईशभक्ति, भारतीय संस्कृति एवं वेदांत के जीवन-मूल्यों पर आधारित मनोहारी भजन प्रस्तुतियाँ देकर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।

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