
पलामू : पांच दिनों से एक अंधेरे कमरे में बंद 25 साल के बेबस मजदूर पुलिसवालों को देखा डर के मारे कांपते लगा। उनके पैरों में गिर पड़ा। फिर गिड़गि़ड़ाने लगा…साहब, मुझे मारिएगा मत… मारिएगा मत! वह इतना डरा हुआ था कि उसे लगा कि शायद ये लोग भी उसे पीटने आए हैं। पुलिसकर्मियों ने जब उसे सुरक्षा का भरोसा दिया, तब जाकर उसकी जान में जान आई।
यह रूह कंपा देने वाला मामला पलामू के मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र का है। एक लेबर सप्लायर (ठेकेदार) ने महज कुछ रुपयों के बकाए के लिए एक इंसानियत को तार-तार कर दिया।
अंदर का नजारा देख पुलिस भी रह गई थी दंग
पलामू के एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि सोमवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि जीएलए कॉलेज गेट के पास बारालोटा में एक मकान के बंद कमरे में किसी को बंधक बनाकर रखा गया है। पुलिस की गश्ती टीम जब वहां पहुंची तो कमरे के बाहर ताला लटका था। पुलिस ताला तोड़कर अंदर घुसी, तो वहां का नजारा देख दंग रह गई। पाटन के पांडेपुरा का रहने वाला उपेंद्र भुइयां बेहद डरा-सहमा कमरे में दुबका था।
आरोपी ठेकेदार अमरेश यादव ने उपेंद्र को डालटनगंज रेलवे स्टेशन से अगवा किया था। पिछले पांच दिनों से उसे न तो ठीक से खाना दिया गया और न ही कमरे से बाहर निकलने की इजाजत थी। हद तो यह हो गई कि उसे शौच के लिए भी बाहर जाने की इजाजत नहीं थी।
पिता से मांग रहा था पैसे, आरोपी गया जेल
दरअसल, आरोपी अमरेश यादव मजदूरों को दूसरे राज्यों में भेजने का काम करता है। उसका उपेंद्र के पिता गोपाल भुइयां से पैसों का कुछ लेन-देन बाकी था। पैसे वसूलने के लिए उसने उसके बेटे को ही बंधक बना लिया। फिर उसके पिता को धमकी देने लगा कि अगर पैसे नहीं मिले तो वह उपेंद्र को जान से मार देगा। घबराए पिता ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने यह एक्शन लिया। पुलिस ने आरोपी ठेकेदार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़ित मजदूर को उसके चंगुल से आजाद करा लिया है।
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