
रांची : रांची विश्वविद्यालय इस वर्ष अपनी स्थापना के 67 गौरवशाली वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कमर कस ली है। कुलपति प्रो. सरोज शर्मा के नेतृत्व में इस बार स्थापना दिवस को तीन दिवसीय (10 से 12 जुलाई 2026 तक) भव्य महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा।
विश्वविद्यालय की जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. स्मृति सिंह ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कार्यक्रमों के विस्तृत शेड्यूल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में झारखंड की समृद्ध कला, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण की अनूठी झलक देखने को मिलेगी।
कार्यक्रमों की रूपरेखा
10 जुलाई : भव्य उद्घाटन समारोह
महोत्सव का शुभारंभ 10 जुलाई को आर्यभट्ट सभागार में उद्घाटन समारोह के साथ होगा। इस दिन आमंत्रित अतिथियों का पारंपरिक स्वागत और सम्मान किया जाएगा। उद्घाटन सत्र का मुख्य आकर्षण “मैं हूं रांची विश्वविद्यालय” थीम पर आधारित एक खूबसूरत कोरियोग्राफी होगी, जो 1960 से लेकर अब तक के विश्वविद्यालय के सफरनामे को जीवंत करेगी। इसके अलावा विभिन्न पुस्तकों का विमोचन और आरयू के संस्कार एवं परंपराओं पर कुलपति का विशेष उद्बोधन होगा।
11 जुलाई: कला दिवस और सोहराई पेंटिंग
आयोजन का दूसरा दिन पूरी तरह कला और संस्कृति को समर्पित रहेगा। इस दिन मुख्य अतिथियों की उपस्थिति में झारखंड की प्रसिद्ध सोहराई कला पर विशेष चर्चा और विमर्श का आयोजन होगा। इसके साथ ही, परफॉर्मिंग एंड फाइन आर्ट विभाग के शिक्षक और छात्र मिलकर विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन की चारदीवारी पर जीवंत सोहराई पेंटिंग उकेरेंगे।
12 जुलाई: पर्यावरण संदेश और समापन
12 जुलाई को तीन दिवसीय समारोह का समापन होगा। इस दिन मुख्य अतिथियों के प्रेरणादायी व्याख्यान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। एनएसएस (NSS) विंग के नेतृत्व में प्रशासनिक परिसर में वृहद पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा और विश्वविद्यालय के विकास में योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा।

