
चाईबासा : महिला कॉलेज चाईबासा की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) बी.एड. इकाई की ओर से विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को जनसंख्या से जुड़े विभिन्न मुद्दों के प्रति जागरूक करना और समाज निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद बी.एड. विभागाध्यक्ष डॉ. मोबारक करीम हाशमी ने स्वागत भाषण देते हुए मुख्य वक्ता और उपस्थित छात्राओं का अभिनंदन किया।

कार्यक्रम की रूपरेखा रखते हुए एनएसएस की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अर्पित सुमन ने बताया कि कॉलेज में हर साल विश्व जनसंख्या दिवस का आयोजन किया जाता है। उन्होंने इस दिन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जनसंख्या नियंत्रण, बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता और सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है।
युवाओं की क्षमता से ही संभव है देश का विकास: डॉ. प्रभात
कोल्हान विश्वविद्यालय के सीवीसी डॉ. प्रभात कुमार सिंह ने युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करना आज और भविष्य के लिए के विषय पर अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। अगर हमारी युवा पीढ़ी को सही और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, समान अवसर और हुनर (कौशल विकास) सिखाया जाए, तो वे न सिर्फ अपने सपनों को उड़ान दे सकते हैं, बल्कि देश के विकास में भी एक बड़ा योगदान दे सकते हैं।उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों के प्रति संवेदनशील बनें और एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं। व्याख्यान के बाद एक सवाल-जवाब (इंटरेक्शन) सत्र भी हुआ, जहां छात्राओं ने अपनी शंकाएं रखीं और डॉ. सिंह ने उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।
टॉपर छात्राएं हुईं सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान बी.एड. सेमेस्टर–1 की परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली होनहार छात्राओं की हौसलाअफजाई की गई और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में डॉ. राजीव लोचन नमता ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन दिया। सामूहिक राष्ट्रगान के साथ इस सफल आयोजन का समापन हुआ। इस मौके पर बी.एड. सेमेस्टर-1 की छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रहीं।

