
Jamshedpur news : कभी एशिया की अग्रणी केबुल निर्माता कंपनी रही और पिछले 26 साल से अधिक समय से बंदी का अभिशाप झेल रही इन्कैब इंडस्ट्रीज के कर्मचारियों के सामने एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। कंपनी के कर्मचारियों को क्वार्टर खाली करने का नोटिस थमाया गया था। अब मंगलवार को एनाउंसमेंट कर सभी से जल्द क्वार्टर खाली करने को कहा गया है। इस एलान के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है
दूसरी तरफ, कंपनी के पुनरुद्धार के लिए एनसीएलटी कोलकाता की ओर से नियुक्त रिज्यूलेशन प्रोफेशनल (आरपी) ने एक रुपए भेजकर अकाउंट की पुष्टि होने के बाद मंगलवार को कर्मचारियों के खाते में उनके दावों की पूरी राशि भेजना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों को आरपी ने दावों के 17 प्रतिशत से अधिक राशि भेजा है। सूत्रों के मुताबिक दो लाख रूपये से अधिक राशि मिला है। इधर शेष कर्मचारियों को दो दिनों के भीतर अकाउंट की पुष्टि और सक्रिय होने की पुष्टि के लिए कुछ दस्तावेज भेजने के लिए कहा है। उल्लेखनीय है कि एनसीएलटी ने वेदांता ग्रुप को इंकैब के अधिग्रहण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
वेदांता ग्रुप ने आरपी के पास 545 करोड़ रुपये जमा की थी रिवाइवल पैकेज
वेदांता ग्रुप ने आरपी के पास 545 करोड़ रुपये रिवाइवल पैकेज के रूप में जमा किया है। एनसीएलटी ने पैकेज के प्रस्तावों के तहत पैसों का वितरण करने के लिए आरपी को आदेश दिया है। जानकारी के मुताबिक पुणे, जमशेदपुर और कोलकाता यूनिट से कुल 1616 दावेदार यानी ऑपरेशनल क्रेडिटर्स (कर्मचारी) हैं, जिनमें प्रथम चरण में 600 कर्मचारियों के दावों का निष्पादन किया जाएगा।
प्रथम चरण में 600 कर्मचारियों के दावों का होगा भुगतान
पुणे, जमशेदपुर और कोलकाता में 1616 कर्मियों के दावों का भुगतान होगा। कंपनी के पुनरुद्धार के लिए एनसीएलटी कोलकाता की ओर से नियुक्त रिज्यूलेशन प्रोफेशनल (आरपी) ने कर्मचारियों के खाते में उनके दावों की भुगतान प्रक्रिया मंगलवार से शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि एनसीएलटी ने वेदांता ग्रुप को इंकैब के अधिग्रहण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। वेदांता ग्रुप ने आरपी के पास 545 करोड़ रुपये रिवाइवल पैकेज के रूप में जमा किया है। एनसीएलटी ने पैकेज के प्रस्तावों के तहत पैसों का वितरण करने के लिए आरपी को आदेश दिया है। इसके आलोक में आरपी ने कर्मचारियों के बैंक खाते में राशि भेजना शुरू किया है। खातों की पुष्टि के लिए पहले उनके खाते में ट्रायल के रूप में एक रुपये भेजे गए। जानकारी के मुताबिक पुणे, जमशेदपुर और कोलकाता यूनिट से कुल 1616 दावेदार यानी ऑपरेशनल क्रेडिटर्स (कर्मचारी) हैं, जिनमें प्रथम चरण में 600 कर्मचारियों के दावों का निष्पादन किया जाएगा। बचे हुए कर्मचारियों के खातों की निष्क्रियता को सक्रिय करने के बाद उनके दावों का निष्पादन किया जाएगा। निष्क्रिय खाता होने की जानकारी खाताधारकों को डाक द्वारा दी जाएगी। पैसों का भुगतान शुरू होने की जानकारी मिलने के बाद कर्मचारियों के बीच हर्ष की लहर है।

