
रांची : रांची के रातू अंचल में जमाबंदी से जुड़ी अनियमितता के मामले में झारखंड सरकार ने विभागीय जांच पूरी होने के बाद पलामू में पदस्थापित सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी शशि भूषण सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने उनकी दो वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का आदेश दिया है। विभाग का मानना है कि जांच में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप प्रमाणित हुए हैं। विभागीय अभिलेखों के अनुसार, शशि भूषण सिंह वर्ष 2021 में रांची के रातू अंचल में राजस्व उपनिरीक्षक के पद पर कार्यरत थे। उन पर मूल जमाबंदी से अधिक जमाबंदी कायम करने की अनुशंसा करने का आरोप लगा था।
मार्च 2021 में जारी हुआ था आरोप पत्र
इस मामले में 25 मार्च 2021 को आरोप पत्र जारी कर विभागीय कार्यवाही शुरू की गई। जांच की जिम्मेदारी अपर समाहर्ता (नक्सल), रांची को सौंपी गई, जबकि अंचल अधिकारी, नगड़ी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी बनाया गया। करीब दो वर्ष चली जांच के बाद जांच पदाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में आरोपों को सही ठहराया। इसके बाद विभाग ने जांच प्रतिवेदन, आरोप पत्र और अधिकारी के बचाव पक्ष की समीक्षा की। विधि विभाग के माध्यम से महाधिवक्ता का मंतव्य प्राप्त करने के बाद विभागीय मंत्री की स्वीकृति से अधिकारी को द्वितीय कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उनका जवाब असंतोषजनक माना गया।
इसके बाद सरकार ने अंतिम निर्णय लेते हुए शशि भूषण सिंह पर दो वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का दंड अधिरोपित कर दिया। अधिसूचना के अनुसार यह दंड तत्काल प्रभाव से लागू होगा। वर्तमान में शशि भूषण सिंह पलामू में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
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