
चाईबासा : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिला समाहरणालय के सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक डीडीसी उत्कर्ष कुमार की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान योजना से जुड़े विभिन्न विभागों के कार्यों, अब तक की उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा देश भर के 100 चुनिंदा जिलों में यह योजना चलाई जा रही है, जिसमें झारखंड का पश्चिमी सिंहभूम जिला भी शामिल है।
योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि और किसानों की आजीविका को मजबूत करना
इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि, प्राकृतिक संसाधनों का कुशल प्रबंधन, कृषि विविधीकरण और किसानों की आजीविका को मजबूत करना है। जिले में इसे कृषि, पशुपालन, मत्स्य, उद्यान, सहकारिता और जेएसएलपीएस (JSLPS) जैसे विभाग मिलकर चला रहे हैं। डीडीसी उत्कर्ष कुमार ने विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करना जितना जरूरी है, उतना ही आवश्यक उसका सटीक और गुणवत्तापूर्ण प्रतिवेदन (रिपोर्ट) तैयार करना है। चूंकि केंद्र सरकार द्वारा इन प्रमुख सूचकांकों की नियमित मॉनिटरिंग की जाती है, इसलिए आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड होने वाले सभी आंकड़े पूरी तरह प्रामाणिक और त्रुटिरहित होने चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल बेहतर करने और अपने-अपने विभागीय कार्यों की अपडेटेड रिपोर्ट समयसीमा के भीतर जमा करने को कहा ताकि उसे पोर्टल पर अपलोड किया जा सके।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से जिला कृषि पदाधिकारी अमरजीत कुजूर, जिला पशुपालन पदाधिकारी समरजीत मंडल, जिला गव्य विकास पदाधिकारी रामनारायण साश्वत, जिला सहकारिता पदाधिकारी अमिता कुमारी सहित उद्यान, मत्स्य पालन और जेएसएलपीएस के कई अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित थे।

