
Jamshedpur : टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2025-26 में 10,886 करोड़ का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) अर्जित कर एक बार फिर मजबूत वित्तीय प्रदर्शन का परिचय दिया है। कंपनी के इस बेहतर प्रदर्शन से कर्मचारियों के बीच बोनस को लेकर उत्साह बढ़ गया है। उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि यदि प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच वर्षों से लागू बोनस निर्धारण का फार्मूला यथावत रहता है, तो इस वर्ष कर्मचारियों को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक बोनस मिल सकता है।
10,500 कर्मचारियों के लिए इस बार करीब 327.60 करोड़ का बनेगा बोनस पूल
उपलब्ध आकलन के अनुसार जमशेदपुर समेत कंपनी के विभिन्न संयंत्रों में कार्यरत लगभग 10,500 कर्मचारियों के लिए इस बार करीब 327.60 करोड़ का बोनस पूल बनसकता है। इससे प्रति कर्मचारी मिलने वाली बोनस राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
कंपनी के मजबूत वित्तीय परिणामों ने यह संकेत दिया है कि वैश्विक इस्पात बाजार की चुनौतियों के बावजूद टाटा स्टील ने लागत नियंत्रण, परिचालन दक्षता और उत्पादन क्षमता के बल पर लाभप्रदता बनाए रखी है। यही कारण है कि कर्मचारियों को भी कंपनी के बेहतर प्रदर्शन का प्रत्यक्ष लाभ बोनस के रूप में मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। इस साल भी होगा बेहतर बोनस
हालांकि, बोनस की अंतिम राशि का निर्धारण टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच होने वाली आधिकारिक वार्ता तथा बोनस समझौते के बाद ही होगा। ऐसे में सभी कर्मचारियों की निगाहें आगामी बोनस वार्ता पर टिकी हुई हैं।
श्रम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पुराने बोनस फार्मूले में कोई बदलाव नहीं किया गया, तो इस वर्ष का बोनस हाल के वर्षों में सबसे बेहतर हो सकता है। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और स्थानीय बाजार में भी त्योहारी खरीदारी के दौरान आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

