
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत चक्रधरपुर में 17 मई को हुए मानव तस्करी के बड़े मामले में पुलिस ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। अब इस अंतरराज्यीय गिरोह में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है।
पकड़े गए 3 स्थानीय आरोपी
चक्रधरपुर थाना की पुलिस ने जिले से इन तीनों को हिरासत में लिया। 40 वर्षीय बुधराम गोप पिता श्रीधर गोप, निवासी सांगाजाटा, थाना पांड्राशाली ओपी 40 वर्षीय दुर्योधन कुमार उर्फ बिरजू पिता स्व. गोपीनाथ कुमार, निवासी गुड़ासाई, थाना कुम्हारडुंगी, 45 वर्ष तुराम कांडेयांग उर्फ अरुण पिता स्व. गुनिया कांडेयांग, निवासी बिन्दीरांगरुई, पोस्ट खूंटपानी, थाना मुफस्सिल निवासी है। इन पर आरोप है कि अपने-अपने इलाके में भोले-भाली जनता को पैसे के सपने दिखाकर अपने झांसा में लेकर भोले वाले जनता को मानव तस्करी करते थे। इससे उन्हें मोटी कमाई होती थी। फिलहाल पुलिस ने पूछताछ कर तीनों को जेल भेज दिया है।
कैसे हुआ था खुलासा
17 मई 2026 की रात पोड़ाहाट एसडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हासमी को गुप्त सूचना मिली थी कि ‘के-2’ होटल में कुछ तस्करों ने नाबालिगों और वयस्कों को बंधक बनाकर रखा है। एसपी अमित रेनू के आदेश पर विशेष टीम बनाई गई। चक्रधरपुर के थाना प्रभारी अवधेश कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सह श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी साजेस माहतो, कर्रा सोसाइटी फॉर रूरल एक्शन और चाइल्डलाइन की संयुक्त टीम ने होटल पर छापा मारा।
छापेमारी में तस्करों के चंगुल से 30 महिला-पुरुष मजदूर और 6 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया गया। इनमें 5 लड़के और 1 लड़की शामिल थे। सभी को बंधुआ मजदूरी के लिए गुजरात ले जाने की तैयारी थी। पुलिस ने मौके से मजदूरों को ले जाने वाली बस संख्या OR 11H 0797 को भी जब्त कर लिया।
पहले से 2 गुजराती तस्कर गिरफ्तार
इससे पहले पुलिस ने गुजरात के मोरवी, राजकोट के दो मुख्य आरोपियों को पकड़ा था।
32 वर्ष निकुंज गोविन्द बोरसानिया और 34 वर्ष कादिवार निलेश भाई जयेन्द्र भाई शाह को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। उनके खिलाफ चक्रधरपुर थाना में विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है।
बच्चों को सौंपा गया चाइल्डलाइन को
बाल कल्याण समिति चाईबासा के निर्देश पर मुक्त कराए गए 6 बच्चों को काउंसलिंग के लिए चाइल्डलाइन को सौंपा गया है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र में पहले भी मजदूरी के नाम पर बच्चों की तस्करी की कोशिशें नाकाम की जा चुकी हैं। प्रशासन इस अवैध धंधे पर कड़ी नजर रखे हुए है।

