
जमशेदपुर : पुलिस मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का आपराधिक नेटवर्क केवल पलामू तक सीमित नहीं था, बल्कि उसका प्रभाव जमशेदपुर और राज्य के कई अन्य जिलों तक फैला हुआ था। पुलिस जांच और पहले दर्ज मामलों के अनुसार वह जेल में रहते हुए भी अपने गिरोह का संचालन करता था। कारोबारी वर्ग से रंगदारी मांगना, गिरोह के सदस्यों के माध्यम से धमकी दिलाना और विभिन्न जिलों में आपराधिक गतिविधियों का संचालन उसके नेटवर्क का हिस्सा बताया गया है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार उसकी पत्नी रिया सिन्हा फिलहाल चाईबासा मंडल कारा में बंद है। उसके पास से पहले मोबाइल और सिम बरामद किए जाने का भी मामला सामने आ चुका है।
घाघीडीह केंद्रीय कारा से संचालित करता था गिरोह
वर्ष 2018 में जब सुजीत सिन्हा जमशेदपुर के घाघीडीह केंद्रीय कारा में बंद था, तब भी उस पर जेल के भीतर से अपने गिरोह का संचालन करने के आरोप लगे थे। जांच में सामने आया था कि उसने सहयोगियों की मदद से दूसरे लोगों के नाम पर सिम कार्ड हासिल किए और उन्हीं के माध्यम से कारोबारियों से रंगदारी की मांग कराई।
इस मामले में परसुडीह थाना में सुजीत सिन्हा, उसकी पत्नी तथा गिरोह के अन्य सदस्यों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान जेल के भीतर से संचालित नेटवर्क के कई पहलुओं का खुलासा किया था।
कारोबारी से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप
जमशेदपुर के भुइयांडीह निवासी कारोबारी हरेराम सिंह से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में भी सुजीत सिन्हा का नाम सामने आया था। जांच के दौरान धनबाद के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान की संलिप्तता का भी दावा किया गया था।
इस मामले में पुलिस ने गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया था। सीतारामडेरा थाना में दर्ज प्राथमिकी में सुजीत सिन्हा, रिया सिन्हा, प्रिंस खान, बबलू खान समेत अन्य आरोपित बनाए गए थे।
गैंगस्टर अखिलेश सिंह से भी जुड़े थे संबंध
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सुजीत सिन्हा के संबंध जमशेदपुर के गैंगस्टर अखिलेश सिंह से भी रहे थे। अखिलेश सिंह वर्तमान में दुमका जेल में बंद है। जांच एजेंसियां लंबे समय से दोनों के आपराधिक संपर्कों और विभिन्न मामलों में संभावित भूमिका की जांच करती रही हैं।
पूछताछ में कई पुराने अपराधों को लेकर दी थी जानकारी
रिमांड के दौरान पुलिस पूछताछ में सुजीत सिन्हा ने कई चर्चित घटनाओं को लेकर जानकारी दी थी। उसने वर्ष 2014 में जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र में गैंगस्टर किशोर पांडेय, उसके अंगरक्षक बबलू सिंह और एक अन्य व्यक्ति की हत्या से जुड़े घटनाक्रम पर भी पुलिस को जानकारी दी थी।
उसके बयान के आधार पर पुलिस ने कई पुराने मामलों में भी जांच आगे बढ़ाई थी। हालांकि इन मामलों में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होना था।
कई कारोबारियों से रंगदारी मांगने का दावा
पुलिस पूछताछ में सुजीत सिन्हा ने स्वीकार किया था कि उसके गिरोह ने विभिन्न कारोबारियों से रंगदारी की मांग की थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि खनन और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों को फोन और संदेश भेजकर धमकियां दी जाती थीं। पुलिस के अनुसार गिरोह अलग-अलग सिम और विभिन्न माध्यमों का उपयोग कर कारोबारियों पर दबाव बनाता था।
जांच एजेंसियों ने यह भी पाया था कि रंगदारी मांगने के लिए कई मोबाइल नंबरों और अन्य संचार माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। इन मामलों में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई थी।
जेल में दूसरे बंदी से मिला था मोबाइल सिम
पुलिस पूछताछ के दौरान सुजीत सिन्हा ने बताया था कि घाघीडीह केंद्रीय कारा में रहने के दौरान उसे एक अन्य बंदी के माध्यम से मोबाइल सिम उपलब्ध कराया गया था। इसी सिम के जरिए वह अपने गिरोह के सदस्यों और बाहरी लोगों से संपर्क करता था। जांच में यह भी सामने आया कि उपयोग के बाद मोबाइल और सिम को नष्ट कर दिया जाता था ताकि साक्ष्य मिटाए जा सकें।
कई चर्चित मामलों में आया था नाम
सुजीत सिन्हा का नाम झारखंड के कई चर्चित आपराधिक मामलों में सामने आया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसका गिरोह रंगदारी, हत्या, धमकी, खनन क्षेत्रों में वसूली और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में सक्रिय रहा। हालांकि कुछ मामलों में उसे अदालत से राहत भी मिली थी, जबकि कई अन्य मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया लंबे समय तक जारी रही।

