
रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में हुई गड़बड़ी मामले में जांच एजेंसियों ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। CID की टीम ने आयोग की पूर्व सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य के पर्सनल असिस्टेंट ब्रज कुमार राम को धर दबोचा है। गिरफ्तारी के बाद सोमवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे सीधे होटवार स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
एजेंसी के मैनेजर के बयान पर हुई गिरफ्तारी
इस पूरे खेल का पर्दाफाश परीक्षा कराने वाली कंपनी TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी की गिरफ्तारी के बाद हुआ। पूछताछ के दौरान अभय ने CID के सामने उन सभी चेहरों को बेनकाब किया जो पास कराने के नाम पर गिरोह चला रहे थे। उसने साफ बताया कि कौन सा एजेंट किस अफसर के लिए काम कर रहा था।
पूरे नेटवर्क के तार जोड़ने में जुटी सीआईडी
अभय के बयान में ब्रज कुमार राम का नाम प्रमुखता से आया। आरोप है कि वह पूर्व मेंबर डॉ. अजिता भट्टाचार्य के पद और नाम का झांसा दिखाकर अभ्यर्थियों से पास कराने की एवज में मोटी रकम वसूलता था। फिलहाल CID इस पूरे नेटवर्क के बाकी तारों को जोड़ने और वसूली के इस खेल में शामिल अन्य बड़े चेहरों की तलाश में जुटी है।


