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Chaibasa News : संग्रहालय व पुस्तकालय हमारे जीवन का अहम हिस्सा : संजय कच्छप

मझगांव प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय देवधर स्थित जनजातीय जीवन दर्शन पर आधारित संग्रहालय का समारोह पूर्वक मनाया गया 10 वीं स्थापना दिवस 

by Hari Shankar Gope
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Chaibasa : मझगांव प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय देवधर स्थित जनजातीय जीवन दर्शन पर आधारित संग्रहालय का 10 वीं स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। समारोह में बच्चे -बच्चियों ने एक से बढ़कर एक नृत्य पेश कर अतिथिगण एवं अभिभावकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय कोटगढ़, नोवामुंडी के बच्चों ने शिक्षक दुलाल दास द्वारा निर्देशित हास्य नाटक पोड़ोसो जङ (कटहल बीज) का शानदार मंचन किया। वहीं बच्चों का जंगली नृत्य कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।

समारोह में बतौर मुख्य अतिथि लाइब्रेरीमैन संजय कच्छप, विशिष्ट अतिथि टाटा स्टील फाउंडेशन के कार्यकारी पदाधिकारी शिवशंकर कांडेयांग, धोबाधोबिन पंचायत के मुखिया सोना सिंह पिंगुवा उपस्थित थे। मौके पर मुख्य अतिथि संजय कच्छप ने कहा कि संग्रहालय बच्चों की मौखिक सम्प्रेषण क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है। चूंकि संग्रहालय में अपने समाज और परिवेश में मिलने वाली चीजों का संग्रह किया गया है। बच्चे इनके नाम बोलने और अपने मित्रों को बताने के माध्यम से अपनी मौखिक भाषा विकास कर सकते हैं। संजय ने कहा कि संग्रहालय और पुस्तकालय हमारे जीवन का अहम हिस्सा है। इसलिए उनकी टीम देवधर विद्यालय में पुस्तकालय निर्माण की दिशा में काम करेगी।

भाषा हमारी सांस्कृतिक धरोहर है : शिवशंकर कांडेयांग

विशिष्ट अतिथि शिवशंकर कांडेयांग ने कहा भाषा हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। इसका संरक्षण में संग्रहालय बहुमूल्य योगदान रहता है। बच्चे संग्रहालय की चीजों के माध्यम से अपनी भाषा में बौद्धिक क्षमता बढ़ाने के साथ सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हैं। मुखिया सोना सिंह पिंगुवा ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से अतिथिगण और शिक्षक-शिक्षिकाएं बच्चों में पढ़ाई के प्रति आकर्षण पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में अभिभावक अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए अपने बच्चों को नियमित विद्यालय भेजकर स्कूली जीवन से जोड़े रखने का कार्य करें। उन्होंने विद्यालय को शौचालय एवं शुद्ध पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

हल्दी व तुलसी जल से हाथ-पैर धुलाकर स्वागत

इससे पहले विद्यालय प्रबंधन समिति एवं अभिभावकों द्वारा अतिथियों का हो संस्कृति अनुसार हल्दी व तुलसी जल से हाथ-पैर धुलाकर स्वागत किया गया। अतिथियों ने संग्रहालय की चीजों का अवलोकन किया और परिसर में स्थापित हो भाषा की लिपि के जनक ओत गुरु लको बोदरा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम में मंच संचालन शिक्षक कृष्णा देवगम और शिक्षिका सरिता पुरती ने किया। मौके पर प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय कोटगढ़ नोवामुंडी के प्रभारी सालेन पाट पिंगुवा, हो भाषा समन्वयक रोशन पाट पिंगुवा आदि अतिथियों समेत कार्यक्रम के अगुवा मध्य विद्यालय देवधर के प्रभारी जगदीश सावैयां, देवानंद तिरिया,मेनंती पिंगुवा, महिमा महतो, सुभाष हेम्ब्रम,सुपाय पिंगुवा व काफी संख्या में महिला-पुरुष व बच्चे मौजूद थे। अंत में, अतिथियों को हो रीति-रिवाज अनुसार साल के पत्ते, दातून व फल प्रदान कर नगाड़े -मृदंग की धुन पर विदाई दी गई।

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