
चाईबासा : कोल्हान और सारंडा जंगल क्षेत्र को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क पर दो स्थानों पर बड़ा खतरा पैदा हो गया है। बुंडू और रोवाम गांव के बीच कारो नदी पर बने पुल का एप्रोच सड़क कट कर बहने लगा है, जबकि टोंटोगड़ा के पास मुख्य सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें उभर आई हैं।
कारो नदी पर बने पुल के एप्रोच की करीब आधी मिट्टी नदी के तेज बहाव में बह गई है। इससे पुल पर वाहनों का आना-जाना बेहद खतरनाक हो गया है। ग्रामीणों को डर है कि अगर फिर से तेज बारिश हुई तो एप्रोच का बचा हुआ हिस्सा भी बह जाएगा और पूरा मार्ग बंद हो जाएगा।
इस सड़क के क्षतिग्रस्त होने से कोल्हान के टोंटो और आराहासा प्रखंड तथा सारंडा के गंगदा पंचायत के हजारों ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। रोवाम गांव में हर गुरुवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट में कोल्हान के दर्जनों गांवों के लोग अपने कृषि उत्पाद और वन उपज बेचने आते हैं। सड़क टूटने से अब हाट तक गाड़ी ले जाना मुश्किल हो गया है, जिससे ग्रामीणों की आर्थिक गतिविधि पर सीधा असर पड़ रहा है।
वहीं दूसरा मामला सैडल से छोटानागरा जाने वाली मुख्य सड़क का है। टोंटोगड़ा के पास सड़क किनारे बना गार्डवाल नीचे धंस गया है, जिसके कारण मुख्य सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। नीचे की मिट्टी खोखली होने से सड़क कभी भी धंस सकती है।
दोनों जगहों की बिगड़ती स्थिति को लेकर ग्रामीणों में चिंता है। कांग्रेस प्रखंड उपाध्यक्ष राजेश पुरती, पंचायत अध्यक्ष रविन्द्र पुरती, समाजसेवी गाली पुरती, विजय अंगरिया, मोरन सिंह पुरती समेत अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द मौके का निरीक्षण कर युद्धस्तर पर मरम्मत और सुरक्षा कार्य शुरू किया जाए, ताकि कोल्हान और सारंडा के बीच का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग टूटने से बचाया जा सके।

