
रांची : पलामू (झारखंड) में सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता, संवेदकों को लागत से अधिक भुगतान और सरकारी राशि के गबन के आरोप से जुड़े मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), पलामू ने दो सेवानिवृत्त अभियंताओं के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति आदेश जारी करने का अनुरोध किया है। एसीबी के पलामू प्रमंडलीय कार्यालय ने इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को को पत्र भेजा है।
मामला एसीबी पलामू थाना कांड संख्या 12/17, दिनांक 22 मई 2017 से संबंधित है। इसमें तत्कालीन कनीय अभियंता और वर्तमान में सेवानिवृत्त सहायक अभियंता महेश प्रसाद तथा तत्कालीन सहायक अभियंता उदय कुमार मेहता को प्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया है। दोनों उस समय ग्रामीण विकास विभाग के ग्रामीण कार्य मामले से जुड़े डाल्टनगंज कार्य प्रमंडल में पदस्थापित थे।
बैरॉव-ओडनार पथ में गड़बड़ी का आरोप
मामला चैनपुर प्रखंड के बैरॉव से ओडनार पथ, पैकेज संख्या जेएच-1705, करीब 3.5 किलोमीटर सड़क के निर्माण कार्य से जुड़ा है। एसीबी के अनुसार अभियुक्तों पर अपने पद का दुरुपयोग कर षड्यंत्रपूर्वक धोखाधड़ी करने, निर्माण कार्य में अनियमितता बरतने, लागत राशि से अधिक भुगतान कराने और सरकारी राशि के गबन का आरोप है।
एसीबी की ओर से पत्र में कहा गया है कि घटनास्थल के निरीक्षण, गवाहों के बयान, अनुसंधान और पर्यवेक्षण के दौरान आरोपों की पुष्टि हुई है। आरोप पत्र दाखिल करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध पाया गया है।
2022 से अभियोजन स्वीकृति का इंतजार
एसीबी ने बताया है कि महेश प्रसाद के संबंध में अभियोजन स्वीकृति के लिए वर्ष 2022 में ही संबंधित कार्यालय को पत्र भेजा गया था। इसके बाद 6 जून 2025 को भी पुनः अनुरोध किया गया, लेकिन अब तक अभियोजन स्वीकृति आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। एसीबी ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि संबंधित न्यायालय ने कांड के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया है। अब एसीबी ने ग्रामीण विकास विभाग के सचिव से दोनों सेवानिवृत्त अभियंताओं के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति आदेश निर्गत करने का अनुरोध किया है, ताकि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।

