
घाटशिला : ग्रामीण एवं आदिवासी बहुल क्षेत्र के विद्यार्थियों को अनुशासन, नेतृत्व, राष्ट्रभक्ति, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास के व्यापक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में घाटशिला कॉलेज ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2017 में महाविद्यालय में एनसीसी की मात्र एक प्लाटून से शुरुआत हुई थी। लंबे समय से महाविद्यालय में एनसीसी की एक पूर्ण कंपनी स्थापित किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. के. चौधरी ने इस आवश्यकता को विद्यार्थियों के भविष्य से जोड़ते हुए 37 झारखंड बटालियन एनसीसी, जमशेदपुर के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विनय आहूजा से लगातार संपर्क एवं संवाद बनाए रखा। प्राचार्य ने बार-बार आग्रह किया कि ग्रामीण क्षेत्र के इस महत्वपूर्ण महाविद्यालय में एनसीसी की एक कंपनी स्थापित की जाए, ताकि विशेष रूप से आदिवासी एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों को एनसीसी के माध्यम से अपने व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्रसेवा की भावना को विकसित करने का व्यापक अवसर मिल सके।
प्राचार्य के निरंतर प्रयास, दृढ़ संकल्प और सकारात्मक पहल का परिणाम अब सामने आया है। घाटशिला कॉलेज को एनसीसी की एक कंपनी की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इसे महाविद्यालय के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
घाटशिला कॉलेज में एक कंपनी एनसीसी की स्वीकृति मिल जाने पर प्राचार्य डॉ. आर. के. चौधरी शुक्रवार को 37 झारखंड बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विनय आहूजा से भेंट कर उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया एवं अभिनंदन किया। प्राचार्य ने कहा कि घाटशिला कॉलेज में एनसीसी की एक कंपनी का मिलना विद्यार्थियों के लिए केवल एक अतिरिक्त गतिविधि नहीं, बल्कि उनके जीवन में अनुशासन, नेतृत्व, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक उत्तरदायित्व के संस्कार विकसित करने का सशक्त माध्यम बनेगा। इस मौके पर प्राचार्य डॉ चौधरी एनसीसी बटालियन के प्रशासी अधिकारी कर्नल प्रेमचंद झा से भी मिले और उन्हें भी इसके लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

