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Dhanbad News: भू-धंसान और अवैध खनन के खिलाफ कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा का प्रदर्शन, उग्र आंदोलन की चेतावनी

हाथों में तख्तियां लिए लोगों ने बीसीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की ढुलमुल कार्यशैली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

by Kanchan Kumar
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​धनबाद: कोयलांचल का ऐतिहासिक इलाका कतरास इन दिनों गंभीर मानवीय और पर्यावरणीय संकट से जूझ रहा है। एक तरफ जहां धंसती जमीन और अवैध खनन ने आम लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ बीसीसीएल की नीतियां कतरास के निवासियों पर विस्थापन की तलवार लटका रही हैं। इसी अनदेखी के खिलाफ अब जनता का सब्र टूट चुका है। कतरास के वजूद और यहां के लोगों की सुरक्षा की मांग को लेकर कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले गुरुवार को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर एक विशाल जन-प्रदर्शन आयोजित किया गया।

​इस विरोध प्रदर्शन में कतरास और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। हाथों में तख्तियां लिए लोगों ने बीसीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की ढुलमुल कार्यशैली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कतरास शहर को कोयला निकालने की अंधी दौड़ में बलि का बकरा बनाया जा रहा है, जिससे हजारों परिवारों के भविष्य पर गहरा अनिश्चितता का बादल मंडराने लगा है।

​मोर्चा की संयोजक मंडली के प्रमुख सदस्य राजीव रंजन उर्फ चुन्ना यादव ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए खनन अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को सीधे आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में दिन-प्रतिदिन भू-धंसान की घातक घटनाएं सामने आ रही हैं और अवैध कोयला उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। इसके बावजूद लोगों की जान-माल की रक्षा के लिए ज़मीनी स्तर पर कोई कंक्रीट कदम नहीं उठाया जा रहा।

बंद रहो बेघर करने की साजिश

​चुन्ना यादव ने बीसीसीएल, सीआईएसएफ, डीजीएमएस और स्थानीय जिला प्रशासन की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी व्यावसायिक गतिविधि या खनन प्रोजेक्ट से पहले वहां की स्थानीय आबादी की सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, न कि उन्हें बेघर करने की साजिश रची जाए।

​उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि कतरास की जनता अपने अधिकारों और अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटेगी। यदि स्थानीय प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन ने उनकी मांगों पर तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो इस जन-आंदोलन को और अधिक उग्र बनाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इस आवाज को देश की राजधानी दिल्ली तक ले जाया जाएगा और केंद्र सरकार के समक्ष पूरी स्थिति रखकर न्याय की गुहार लगाई जाएगी।
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