
रांची : अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए संचालित दिशोम गुरु शिबू सोरेन जेईई-नीट कोचिंग संस्थान में नामांकन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर तक बढ़ा दी गयी है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 2027-28 के लिए कुल 150 विद्यार्थियों का चयन किया जायेगा। इनमें जेईई की तैयारी के लिए 75 और नीट की तैयारी के लिए 75 सीटें निर्धारित हैं। इच्छुक विद्यार्थी विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यह कार्यक्रम राज्य सरकार के अनुसूचित जनजाति शिक्षण उत्थान कार्यक्रम के तहत संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनजातीय विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे उच्च शिक्षा के इन क्षेत्रों में दाखिला पाने के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकें।
मेधा के आधार पर होगा चयन
कोचिंग संस्थान में नामांकन के लिए प्राप्त आवेदनों में से विद्यार्थियों का चयन मेधा क्रम के आधार पर किया जायेगा। चयनित विद्यार्थियों का नामांकन रांची के हिंदपीढ़ी स्थित आदिवासी मैदान परिसर में संचालित अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय में कक्षा 11 में लिया जायेगा। निर्धारित सीटों के लिए विद्यार्थियों को समयसीमा के भीतर आवेदन करना होगा।
इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी का मिलेगा अवसर
जेईई के माध्यम से इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश मिलता है, जबकि नीट मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षा है। इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को विषयों की गहरी समझ और नियमित अभ्यास की जरूरत होती है। सरकारी कोचिंग कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना और तकनीकी तथा मेडिकल शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाये जाने से इच्छुक विद्यार्थियों को आवेदन पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिला है। जेईई और नीट कोचिंग की 150 सीटों पर चयन मेधा के आधार पर किया जायेगा।

