
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत सीमीदीरी पंचायत के मध्य विद्यालय बनालता में बन रहे नए स्कूल भवन के निर्माण में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। भवन निर्माण विभाग, चाईबासा द्वारा लगभग 56 लाख रुपये की लागत से इस भवन का निर्माण कराया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत पर सोमवार को झामुमो नेता रामलाल मुंडा और जदयू जिलाध्यक्ष विश्राम मुंडा ने संयुक्त रूप से निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में स्कूल भवन के निर्माण में प्रयोग की जाने वाली सामग्री जैसे ईंटे, बालू आदि का गुणवत्ता स्तर निर्धारित मानकों के तहत नहीं पाया गया।
बालू की जगह स्टोन डस्ट का खेल, ईंटों की गुणवत्ता भी खराब
निरीक्षण के बाद नेताओं ने आरोप लगाया कि भवन निर्माण में तय तकनीकी मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। ढलाई और अन्य निर्माण कार्यों में बालू का इस्तेमाल करने के बजाय शत-प्रतिशत स्टोन डस्ट (पत्थर का चूरा) का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है, जो भवन की मजबूती के लिहाज से बेहद खतरनाक है। इसके अलावा, दीवार निर्माण में लगाई जा रही ईंटें और अन्य सामग्रियां भी बेहद घटिया स्तर की पाई गईं।
बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: रामलाल मुंडा
निरीक्षण के दौरान झामुमो नेता रामलाल मुंडा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि स्कूल भवन हमारे बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा से सीधा जुड़ा हुआ मामला है। सरकारी राशि का इस तरह दुरुपयोग और बच्चों की जान जोखिम में डालकर गुणवत्ता से समझौता करना बेहद गंभीर अपराध है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
जांच न होने पर भविष्य में हादसे की आशंका: विश्राम मुंडा
जदयू जिलाध्यक्ष विश्राम मुंडा ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि घटिया सामग्री से इसी प्रकार निर्माण कार्य जारी रहा, तो भवन की मज़बूती और उसकी उम्र पर बुरा असर पड़ेगा। भविष्य में दीवारें धंसने, दरारें आने या कोई बड़ा तकनीकी हादसा होने की पूरी आशंका है। उन्होंने संबंधित विभाग से तुरंत हस्तक्षेप कर काम रोकने और जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने किया प्रदर्शन
भवन निर्माण में हो रही इस धांधली को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। निरीक्षण के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूली बच्चे जमा हो गए, जिन्होंने घटिया निर्माण के विरोध में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। दोनों नेताओं सहित ग्रामीणों ने भवन निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि वे खुद आकर स्थलीय जांच करें और दोषी संवेदक (ठेकेदार) व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। हालांकि संबंध में ठेकेदार से लोगों ने संपर्क किया लेकिन उनसे बात नहीं हुआ।

