नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने मंगलवार को आगामी उपचुनावों की तारीखों का ऐलान किया है। इस संबंध में आयोग ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर और तमिलनाडु के इरोड विधानसभा क्षेत्रों में 5 फरवरी को उपचुनाव होंगे। इन दोनों राज्यों के अलावा दिल्ली के विधानसभा चुनावों की भी तारीखें घोषित की गई हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि इन उपचुनावों की प्रक्रिया 5 फरवरी को पूरी की जाएगी और इसके बाद 8 फरवरी को वोटों की गिनती की जाएगी।
मिल्कीपुर और इरोड में उपचुनाव की तारीखें तय
चुनाव आयोग के अनुसार उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर और तमिलनाडु के इरोड में होने वाले उपचुनाव के लिए वोटिंग 5 फरवरी को होगी। ये उपचुनाव दोनों राज्यों के चुनावी दृषटिकोन से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यह विधानसभा की सीटों के लिए प्रत्याशियों का चयन करेंगे। आयोग ने इस उपचुनाव के लिए सभी आवश्यक तैयारियों की पुष्टि की है और चुनावी प्रक्रिया को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से संचालित करने के लिए इंतजाम किए हैं।
बर्फबारी के कारण जम्मू और कश्मीर में उपचुनावों का ऐलान नहीं
चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जम्मू-कश्मीर की दो विधानसभा सीटों बड़गांव और नगरोटा पर भी उपचुनाव का ऐलान किया, लेकिन इन सीटों पर उपचुनावों की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है। आयोग ने बताया कि इन क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण उपचुनाव की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित की जा रही है। हालांकि, आयोग ने यह भी कहा कि अप्रैल से पहले इन सीटों पर उपचुनावों की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और बर्फबारी के कारण कोई भी अन्य कठिनाइयां उत्पन्न नहीं होने दी जाएंगी।
वसीरघाट और विसावदर पर चुनाव प्रक्रिया स्थगित
इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के वसीरघाट और गुजरात की विसावदर विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। चुनाव आयोग ने बताया कि इन दोनों सीटों पर इलेक्शन पीटीशन लंबित हैं। आयोग के नियमों के अनुसार, जब तक किसी सीट पर चुनावी याचिका लंबित रहती है, तब तक वहां उपचुनाव की प्रक्रिया नहीं कराई जा सकती। चुनाव आयोग ने कहा कि जैसे ही इन याचिकाओं का समाधान होगा, वह इन सीटों पर उपचुनाव की घोषणा करेंगे।
आयोग ने की चुनावी तैयारियों की पुष्टि
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने यह भी बताया कि 5 फरवरी को होने वाले उपचुनावों के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे और मतदान केंद्रों पर सभी प्रकार की सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी ताकि मतदाता बिना किसी रुकावट के मतदान कर सकें। इसके अलावा, सभी संबंधित अधिकारियों को समय पर दिशा-निर्देश भेजे जा चुके हैं और चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की किसी समस्या से बचने के लिए हर पहलू की तैयारी की जा रही है।
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