Ghatshila : अंकुल क्लब राजस्टेट की ओर से गौरी कुंज उन्नयन समिति के द्वारा जगदीश चन्द्र दुर्गा मंडप में 61 वीं अपूर पाठशाला का शुभारंभ किया गया।
माल्यार्पण से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की तस्वीर पर माल्यार्पण कर एवं अतिथियों द्वारा दीप जलाकर किया गया। इस मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए समिति के अध्यक्ष तापस चटर्जी ने कहा कि सभी जाति एवं समुदाय के लोगों को अपनी मातृभाषा को जानने एवं सीखने का अधिकार है। इसलिए बंगला मातृभाषा को बचाना है तो सभी को मिलकर सहयोग करना होगी। उन्होंने कहा कि बंगला भाषा एवं संस्कृति को बचाए रखने के लिए 12 सितंबर 2018 को अपुर पाठशाला का उद्घाटन गौरीकुंज उन्नयन समिति परिसर में किया गया था।
झारखंड में चल रही 60 अपूर पाठशाला
आज झारखंड में 60 अपूर पाठशाला का संचालन सफलता पूर्वक हो रहा है। उन्होंने कहा कि घाटशिला विधान सभा की बात करें तो 95 हजार से अधिक वोटर बंगला भाषी हैं। उन्होंने कहा कि बंगला भाषा के विकास में पिता से बेहतर माता अपनी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि झारखंड की बात करें तो झारखंड में ही देखरेख के आभाव में कई भाषा विलुप्त हो गईं। इसलिए अगर अपनी मातृभाषा को बचाना है तो इसके लिए सबको मिलकर प्रयास करना होगा।
बच्चों में बांटी गई कोल्ड ड्रिंक
उन्होंने कहा कि हर रविवार को अपूर पाठशाला में अपने बच्चों को बंगला भाषा सीखने के लिए अवश्य भेजें, ताकि यह भाषा सुरक्षित और संरक्षित रह सके। इस मौके पर बच्चों के बिच चॉकलेट एवं कोल्ड ड्रिंक का भी वितरण किया गया।

