
चाईबासा : महिला कॉलेज, चाईबासा में बुधवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के भीतर सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुशासन, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण की सोच को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम की शुरुआत कार्यवाहक प्राचार्य विकास कुमार मिश्रा, शिक्षकों एवं आमंत्रित अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई। तत्पश्चात, प्रार्थना सभा के साथ समारोह का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
स्वागत भाषण देते हुए एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी मनीषा बिरूआ ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और स्वयंसेविकाओं का अभिनंदन किया तथा एनएसएस के मूलभूत उद्देश्यों एवं इसकी महत्ता पर प्रकाश डाला।

छात्राओं ने राष्ट्रभक्ति और एनएसएस लक्ष्य गीत की दी सुरीली प्रस्तुति
समारोह के दौरान छात्राओं ने राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत ‘वंदे मातरम्’ और एनएसएस लक्ष्य गीत की सुरीली प्रस्तुति दी, जिससे संपूर्ण सभागार देशभक्ति और सामाजिक प्रतिबद्धता के स्वर से गुंजायमान हो उठा।
छात्राओं को समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने के लिए किया गया प्रेरित
एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अर्पित सुमन ने संगठन की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कॉलेज में वर्षभर चलाए जाने वाले विभिन्न सामुदायिक व सामाजिक सेवा अभियानों का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए छात्राओं को समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

एनएसएस स्वयंसेविका ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की एनएसएस इकाइयों द्वारा संचालित गतिविधियों पर आधारित एक विशेष वीडियो प्रेजेंटेशन भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें जागरूकता अभियानों, जनसेवा और छात्राओं की सक्रिय सहभागिता की झलक देखने को मिली। वहीं, एनएसएस स्वयंसेविका ललिता पिंगुवा और रितु प्रिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि संगठन से जुड़ने के बाद उनमें नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क, सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना का विकास हुआ है।
एनएसएस व्यक्तित्व विकास और जनसेवा का एक सशक्त माध्यम – कार्यवाहक प्राचार्य
अपने संबोधन में कार्यवाहक प्राचार्य विकास कुमार मिश्रा ने छात्राओं को निष्ठापूर्वक समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एनएसएस व्यक्तित्व विकास और जनसेवा का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने स्वयंसेवकों के समर्पण और सक्रियता की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
समारोह में इनकी रहीं उपस्थित
समारोह का समापन एनएसएस स्वयंसेविका अमीषा द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन और तत्पश्चात राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. सुचिता बाड़ा, डॉ. राजीव लोचन नमता, डॉ. बबीता कुमारी, शीला समद, प्रीति देवगम, सितेंद्र रंजन सहित बीएड और स्नातक की अनेक एनएसएस स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहीं।

