
Jamshedpur : जमशेदपुर के डिमना लेक में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के दो इंटर्न डॉक्टर समीर कुमार (लाल) और सक्षम सिंह की संदिग्ध मौत के मामले में बोड़ाम पुलिस ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। पुलिस घटना के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है और मामले से जुड़े सभी लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस ने अब तक डॉ. यश बरछा से विस्तृत पूछताछ की है। उनकी एक महिला मित्र का भी बयान लिया गया है। घटना की रात 23 जुलाई को डिमना लेक में ड्यूटी पर मौजूद टाटा स्टील के सुरक्षा कर्मी से भी पूछताछ कर उस रात की गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। इसके अलावा पुलिस ने डॉ. यश बरछा को घटनास्थल पर ले जाकर पूरे घटनाक्रम को दोहराया गया।
जांच के दौरान एमजीएम मेडिकल कॉलेज हॉस्टल और अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ की गई। पुलिस ने उस दुकान के कर्मचारियों का बयान भी दर्ज किया है, जहां से तीनों डॉक्टरों ने डिमना चौक से शराब खरीदी थी। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले डॉक्टरों की गतिविधियां क्या थीं और किन परिस्थितियों में वे डिमना लेक पहुंचे।
मामले में घटना के समय मौजूद रहे डॉ. सचिन कुमार को भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है। बताया गया है कि घटना के दो दिन बाद वह रांची स्थित अपने घर चले गए थे। पुलिस उनके बयान का इंतजार कर रही है, क्योंकि उन्हें इस मामले का अहम गवाह माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 24 जुलाई की सुबह घटना की सूचना मिलने के बाद सबसे पहले डॉ. सचिन ही डिमना लेक पहुंचे थे।
बोड़ाम पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की वैज्ञानिक और निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है। सभी साक्ष्यों और बयानों का मिलान किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दोनों इंटर्न डॉक्टरों की मौत के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।

