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Ranchi Durga Puja Guidelines : पूजा में सुरक्षा से समझौता नहीं, रात 10 बजे बाद लाउडस्पीकर बंद

राजधानी में दुर्गा पूजा को लेकर 28 बिंदुओं की गाइडलाइन, पंडालों में सीसीटीवी और अग्नि सुरक्षा अनिवार्य

by Nikhil Kumar
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निर्माण में ज्वलनशील और सिंथेटिक कपड़ों का नहीं होगा इस्तेमाल, मजबूती का लेना होगा प्रमाणपत्र

रांची : दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था से लेकर ध्वनि नियंत्रण और विसर्जन तक के नियम तय कर दिए गए हैं। रांची जिला प्रशासन ने पूजा समितियों के लिए 28 बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। पंडालों में अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार और पर्याप्त सीसीटीवी की व्यवस्था करनी होगी। वहीं, बिजली सजावट के लिए स्वीकृत कनेक्शन और विद्युत सुरक्षा प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा।

प्रशासन ने पंडाल और गेट के निर्माण को लेकर भी सुरक्षा मानक तय किए हैं। पंडाल मकान, गैस गोदाम, ट्रांसफॉर्मर, बिजली के तार, रेलवे लाइन और हाईटेंशन तार से सुरक्षित दूरी पर बनाने होंगे। निर्माण में ज्वलनशील और सिंथेटिक कपड़ों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। पंडाल की मजबूती का प्रमाणपत्र भवन निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता से लेना होगा। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश और निकास मार्ग के साथ आपातकालीन निकास की व्यवस्था भी करनी होगी।

बिजली सजावट के लिए अनुमति जरूरी

पूजा पंडालों में बिजली की सजावट के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड से स्वीकृत विद्युत भार के आधार पर कनेक्शन लेना होगा। वायरिंग की सुरक्षित व्यवस्था, सभी विद्युत उपकरणों और धातु के स्ट्रक्चर की अर्थिंग करनी होगी। अस्थायी वायरिंग के लिए विद्युत विभाग के संबंधित अभियंता से सुरक्षा प्रमाणपत्र लेना होगा। जेनरेटर को पंडाल से सुरक्षित दूरी पर रखना होगा।

आग से बचाव के इंतजाम भी अनिवार्य

पंडाल के अंदर या आसपास ज्वलनशील सामग्री जमा नहीं की जा सकेगी। अग्निशमन यंत्र, पानी और सूखी बालू से भरी बाल्टियां तथा रबर हैंड ग्लव्स रखने होंगे। अग्निशमन विभाग के निर्देशों का पालन कर अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा। प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी करनी होगी।

सीसीटीवी से निगरानी, स्वयंसेवकों की सूची थाने में
पंडाल के अंदर-बाहर और आने-जाने वाले रास्तों में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। उनकी निगरानी के लिए व्यवस्था भी करनी होगी। पूजा समितियों को स्वयंसेवक नियुक्त कर उन्हें पहचान पत्र देना होगा और उनकी सूची संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध करानी होगी। पंडाल के बाहर समिति पदाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं के मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने होंगे।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने पर रोक

प्रशासन ने पूजा के दौरान सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों में संदिग्ध या आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित नहीं करने को कहा है। किसी तरह की अफवाह मिलने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस या प्रशासन को देने का निर्देश है। भीड़ के दौरान छिनतई या पॉकेटमारी करते पकड़े जाने वाले लोगों को पुलिस के हवाले करना होगा। फूड स्टॉल और मेला पंडाल से पर्याप्त दूरी पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही लगाया जा सकेगा।
तय रूट से ही होगा विसर्जन
मूर्ति विसर्जन प्रशासन द्वारा निर्धारित तिथि, समय और मार्ग से ही करना होगा। इसके लिए प्रशासन द्वारा चिह्नित घाट का ही इस्तेमाल किया जाएगा। बड़े वाहनों की छत पर लोगों के बैठने और चार मीटर से अधिक ऊंचाई तक झंडा या अन्य सामग्री लगाने पर रोक रहेगी। प्रशासन ने पूजा समितियों से पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय कर शांतिपूर्ण तरीके से पूजा संपन्न कराने को कहा है।

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