गया: बिहार हवाला कारोबार से जुड़े रैकेट का पर्दाफाश किया गया है। गया जिले में हवाला कारोबार के तहत एक करोड़ 6 लाख रुपये की बड़ी राशि पकड़ी गई है। इस रकम के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जो राजस्थान के चुरु जिले का निवासी है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई से हवाला व्यापार के एक नए रैकेट का खुलासा हुआ है।
गुप्त सूचना पर शुरू हुई छापेमारी
गया के एसएसपी आनंद कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि कोतवाली थाना क्षेत्र के पीपरपांती मोहल्ले में कुछ लोग जाली नोटों का कारोबार कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद एसएसपी ने नगर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुमार कौशल के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम में कोतवाली थाना, सिविल लाइन थाना और तकनीकी सेल की टीमों को शामिल किया गया था।
छापेमारी में मिली 1 करोड़ 6 लाख की राशि
पुलिस की विशेष टीम ने पीपरपांती मोहल्ले में किराए के मकान में रह रहे एक व्यक्ति के ठिकाने पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एक बैग से 1 करोड़ 6 लाख 28 हजार 900 रुपये की नकद राशि बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में इन पैसों के हवाला नेटवर्क से जुड़ी होने की संभावना जताई गई।
आरोपी ने हवाला की बात कबूली, हुई गिरफ्तारी
पकड़े गए आरोपी का नाम सुनील शर्मा है, जो राजस्थान के चुरु जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद सुनील शर्मा ने पुलिस को बताया कि यह सारा पैसा हवाला का है। उसने दावा किया कि उसके मालिक ने उसे यह पैसा दिया था और उसे लेकर वह गया आया था। आरोपी के मुताबिक, यह रकम हवाला व्यापार के लिए उपयोग होनी थी, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी।
आयकर विभाग को सुपुर्द किया आरोपी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को पटना आयकर विभाग के अधिकारियों के हवाले कर दिया है, जहां मामले की और गहराई से जांच की जाएगी। एसएसपी आनंद कुमार ने पुष्टि करते हुए कहा, “गया में एक करोड़ 6 लाख रुपये के साथ राजस्थान के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने बताया कि यह पैसा हवाला से जुड़ा हुआ है और उसे उसके मालिक ने दिया था। आरोपी को आयकर विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है।”
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश
पुलिस अब इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। हवाला नेटवर्क के अन्य संबंधों और आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा है और हवाला व्यापार का इससे कहीं बड़ा नेटवर्क हो सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस की जांच और सख्त कार्रवाई के बाद हवाला रैकेट से जुड़े अन्य लोग सामने आ सकते हैं।

