
रांची में बनेंगे तीन नए स्मार्ट ग्रिड, विद्युत व्यवस्था होगी और अधिक सुदृढ़
ऊर्जा विभाग में रिक्त पदों पर जल्द होगी नियुक्ति
सभी पात्र उपभोक्ताओं को 200 यूनिट निःशुल्क बिजली का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
जलविद्युत, फ्लोटिंग सोलर एवं रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में होगा कार्य।
राज्य के विभिन्न पावर प्लांट के आधुनिकीकरण, ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार और एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम के क्रियान्वयन की तैयारियां तेज करने का निर्देश दिया।
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में ऊर्जा विभाग के अद्यतन कार्यों एवं योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र राज्य के आर्थिक, औद्योगिक एवं सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए बिजली उत्पादन, संचरण एवं वितरण व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुदृढ़ एवं जनोन्मुखी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा बिजली कटौती एवं अन्य समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए।
उन्होंने कहा कि बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम एवं स्मार्ट मीटरिंग अभियान को गति देने के निर्देश दिया गया। उन्होंने शिकायत निवारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विद्युत अवसंरचना को सुदृढ़ करने के निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य के सभी पात्र उपभोक्ताओं को 200 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना का लाभ प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना की वर्तमान उत्पादन क्षमता, तकनीकी स्थिति एवं भविष्य की संभावनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्लांट में स्थापित पुरानी एवं नई मशीनों की कार्यक्षमता का तुलनात्मक अध्ययन कर उनकी दक्षता का समग्र आकलन किया जाए, ताकि विद्युत उत्पादन को और अधिक प्रभावी एवं किफायती बनाया जा सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से शहरी एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ऐसी तकनीकों को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे कम भूमि का उपयोग हो और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने बिजली पोलों के एलाइनमेंट, नियमित रखरखाव एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था अधिक विश्वसनीय बन सके।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण एवं दूरस्थ इलाकों तक भी निर्बाध बिजली पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने ऊर्जा विभाग को जनहित को सर्वोपरि रखते हुए सभी योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। ऊर्जा उत्पादन के लिए मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से हुंडरू, जोन्हा सहित राज्य के विभिन्न जलप्रपातों एवं जलाशयों की क्षमता का विस्तृत अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
रांची में बनेंगे तीन नए स्मार्ट ग्रिड, विद्युत व्यवस्था होगी और अधिक सुदृढ़
राज्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत रांची में तीन नए स्मार्ट ग्रिड स्थापित किए जाएंगे। इस संबंध में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। नए स्मार्ट ग्रिड कुसई कॉलोनी, बरियातू और इटकी में स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा कई नए विद्युत उपकेंद्रों का भी निर्माण किया जाएगा।अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट ग्रिड स्थापित होने से बिजली वितरण नेटवर्क अधिक सक्षम होगा, ऊर्जा हानि में कमी आएगी तथा उपभोक्ताओं को आधुनिक और बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी।
फ्लोटिंग एवं रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को गति देने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में उपलब्ध जलाशयों में फ्लोटिंग सोलर पैनल स्थापित करने तथा सरकारी एवं निजी भवनों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं।
बंजर भूमि पर सोलर फार्मिंग को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी
सीएम ने किसानों की आय में वृद्धि तथा स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बंजर भूमि पर सोलर फार्मिंग को प्रोत्साहित करने की योजना तैयार करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बोकारो, धनबाद एवं हजारीबाग के उपायुक्तों तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद कर ट्रांसमिशन लाइन एवं ग्रिड निर्माण परियोजनाओं में आ रही भूमि संबंधी बाधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि वन स्वीकृति, भूमि हस्तांतरण एवं अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं का समन्वय स्थापित कर अगले 10 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि सभी ट्रांसमिशन लाइन एवं ग्रिड निर्माण परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जा सके और राज्य की विद्युत अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
ऊर्जा विभाग की रिक्तियों पर शीघ्र होगी नियुक्ति, प्रथम चरण में 35 प्रतिशत पदों को भरने के निर्देश
मुख्यमंत्री ऊर्जा विभाग एवं उसके अधीनस्थ संस्थानों में रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। प्रथम चरण में 35 प्रतिशत रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए।
अस्पतालों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी अस्पतालों में दोहरी (ड्यूल) विद्युत लाइन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी एक लाइन में तकनीकी खराबी आने की स्थिति में दूसरी लाइन के माध्यम से बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रह सके। उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवाओं, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, नवजात शिशु देखभाल इकाइयों तथा अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधाओं के संचालन में बिजली की निरंतर उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श के. श्रीनिवासन, ऊर्जा संचरण निगम के एमडी के.के. वर्मा, तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड के एमडी अनिल वर्मा सहित अधिकारी और अन्य इंजीनियर शामिल थे।

