
Jamshedpur : करीब 26 वर्षों से बंद पड़ी इन्कैब इंडस्ट्रीज के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मंजूरी के बाद कंपनी के पुनरुद्धार की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में नियुक्त रिज्यूलेशन प्रोफेशनल (आरपी) ने बुधवार से कर्मचारियों के बैंक खातों में क्लेम राशि की दूसरी किस्त भेजनी शुरू कर दी है। कई कर्मचारियों के खातों में करीब 2.50 लाख रुपये तक की राशि पहुंचने लगी है।
पहले खातों का सत्यापन, अब शुरू हुआ भुगतान
आरपी ने 14 जुलाई को कर्मचारियों के बैंक खातों की पुष्टि के लिए एक-एक रुपये भेजे थे। इसके बाद सत्यापित खातों में स्वीकृत क्लेम राशि और ग्रेच्यूटी का भुगतान शुरू किया गया। अब दूसरे चरण में भी पात्र कर्मचारियों के खातों में राशि भेजी जा रही है। जिन कर्मचारियों के खातों का सत्यापन शेष था, उनसे आवश्यक दस्तावेज मांगे गए थे।
दावों का 17 प्रतिशत से अधिक भुगतान
सूत्रों के अनुसार कर्मचारियों को उनके स्वीकृत दावों का 17 प्रतिशत से अधिक भुगतान किया जा चुका है। पहले चरण में भी कई कर्मचारियों को दो लाख रुपये से अधिक की राशि मिली थी। दूसरे चरण में भी इसी प्रक्रिया के तहत भुगतान जारी है।
तीनों इकाइयों के 1,616 कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
इन्कैब इंडस्ट्रीज की जमशेदपुर, पुणे और कोलकाता इकाइयों के कुल 1,616 कर्मचारियों को क्लेम राशि का भुगतान किया जाना है। पहले चरण में करीब 600 कर्मचारियों के दावों का निपटारा किया जा रहा है, जबकि शेष कर्मचारियों को सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भुगतान मिलेगा।
545 करोड़ रुपये के रिवाइवल पैकेज पर अमल
एनसीएलटी ने इन्कैब इंडस्ट्रीज के अधिग्रहण के लिए वेदांता समूह की समाधान योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत वेदांता ने 545 करोड़ रुपये का रिवाइवल पैकेज जमा कराया है। न्यायाधिकरण के निर्देशानुसार इसी राशि से कर्मचारियों सहित अन्य पात्र दावेदारों को भुगतान किया जा रहा है।
कर्मचारियों में जगी नई उम्मीद
करीब ढाई दशक से बंद पड़ी कंपनी में क्लेम राशि का भुगतान शुरू होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों में नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से अपने बकाया भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि यह कदम कंपनी के पुनरुद्धार और उनके भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।

