
धनबाद : धनबाद की विशेष एमपी-एमएलए अदालत से डुमरी के विधायक जयराम महतो को कोई तात्कालिक राहत नहीं मिली है। सरकारी काम में अड़ंगा डालने, पुलिस अधिकारियों से धक्का-मुक्की करने और धमकी देने के मामले में दायर उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई है। विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने से भी इनकार कर दिया है।
अदालत में आधे घंटे चली बहस
मंगलवार को कोर्ट में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील शाहनवाज और अभियोजन पक्ष से सत्येंद्र राय ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। बचाव पक्ष ने फैसला आने तक गिरफ्तारी पर अस्थायी स्टे की मांग की, जिसका सरकारी वकील ने कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जज ने पुलिस से मामले की केस डायरी (कांड दैनिकी) तलब की है और अगली तारीख तय कर दी।
बरवाअड्डा थाना प्रभारी के बयान पर दर्ज है प्राथमिकी
यह पूरा विवाद 22 अगस्त 2026 का है। बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पुलिस ने गणेश दास नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर थाने की हाजत में रखा था। इसकी सूचना मिलते ही विधायक जयराम महतो अपने 40-50 समर्थकों के साथ थाने पहुंचे।
आरोप है कि विधायक और उनके समर्थकों ने थाने में हंगामा किया। जब पुलिस ने गणेश दास को हाजत से जबरन छुड़ाने की कोशिश कर रहे समर्थकों को रोका, तो विधायक पर थाना प्रभारी को धक्का देने का आरोप लगा।
थाने में तोड़फोड़ और बदसलूकी का आरोप
पुलिस की ओर से दर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि विधायक के साथ आए लोगों ने थाना प्रभारी के कमरे में घुसकर गाली-गलौज की। इस दौरान दिलीप चौधरी नाम के एक समर्थक ने थाना प्रभारी की मेज पर मुक्का मारकर वहां रखा पदनाम बोर्ड तोड़ दिया। इस मामले में विधायक जयराम महतो के अलावा सुशील मंडल, महेंद्र साव, राजकुमार मंडल, दिलीप चौधरी समेत कई अन्य समर्थकों को नामजद आरोपी बनाया गया है।

