
चाईबासा : सारंडा के घने जंगलों से गुजरने वाली मुख्य सड़क पर पिछले दो हफ्तों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। सैडल गेट से लेकर छोटानागरा तक के घाटी वाले इलाके में सुरक्षा के लिए बनाए गए गार्डवाल ताश के पत्तों की तरह ढह रहे हैं। टोंटोगडा और झाड़बेड़ा के बीच का बड़ा सुरक्षा घेरा पूरी तरह से जमींदोज हो चुका है, जबकि कई अन्य जगहों पर भी गार्डवाल टूटने की कगार पर हैं।
सड़क के किनारे मिट्टी का तेज कटाव होने से पूरी सड़क का ढांचा कमजोर पड़ गया है। यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किरीबुरू और बड़ाजामदा से मनोहरपुर को जोड़ने वाला यह प्रमुख सड़क संपर्क पूरी तरह ठप हो सकता है।
हाल ही में इसी मार्ग पर स्थित तितलीघाट पुल में एक बड़ा सुराख हो गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की चिंता बेहद बढ़ गई है। इतनी जल्दी गार्डवाल का ध्वस्त होना और पुल का जर्जर होना निर्माण कार्य की घटिया गुणवत्ता की ओर भी इशारा कर रहा है।
इसके साथ ही किरीबुरू से बड़ाजामदा मार्ग पर दोनों तरफ फैली घनी झाड़ियों ने घुमावदार मोड़ों पर देखना लगभग असंभव बना दिया है। सामने से आ रही गाड़ियों के न दिखने के कारण भारी वाहनों और आम राहगीरों के बीच सीधी टक्कर की आशंका बढ़ गई है।
क्षेत्रीय निवासियों ने जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग से मांग की है कि इस सड़क और क्षतिग्रस्त पुल की तुरंत तकनीकी जांच कराई जाए, गार्डवाल की मरम्मत हो और मोड़ों पर जमी झाड़ियों को अविलंब हटाया जाए।

