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Engineers Day : इंजीनियर ऐसी संरचनाएं बनाएं, जिनकी चर्चा 100 साल बाद भी हो : दीपिका

by Nikhil Kumar
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डीपीआर में बार-बार संशोधन से बचने के लिए योजना के स्तर पर ही तकनीकी पहलुओं का करें गंभीर अध्ययन

अभियंता दिवस मनाया गया
रांची : विकास योजनाओं की गुणवत्ता और उनकी लंबी उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए इंजीनियरों को योजना बनाने के स्तर से ही तकनीकी पहलुओं पर गंभीरता से काम करना होगा। डीपीआर तैयार होने के बाद बार-बार संशोधन की स्थिति नहीं आनी चाहिए। ऐसी संरचनाएं तैयार हों, जो मजबूत और टिकाऊ होने के साथ जनता के लिए उपयोगी भी हों और जिनकी चर्चा 100 साल बाद भी हो। यह बात ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मंगलवार को रांची में 59वें इंजीनियर्स डे समारोह में कही।
झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ की ओर से आयोजित समारोह में मंत्री ने कहा कि इंजीनियर किसी भी राज्य के विकास की आधारशिला हैं। झारखंड में इंजीनियरों की प्रतिभा और तकनीकी क्षमता का बेहतर इस्तेमाल कर ऐसी विशिष्ट संरचनाएं तैयार की जा सकती हैं, जिनकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बने। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी गुणवत्तापूर्ण संरचनाएं विकसित करने का प्रयास होना चाहिए, जिन्हें देखने के लिए देश के दूसरे हिस्सों से भी लोग झारखंड आएं।
गुणवत्ता से समझौता नहीं, समय पर पूरा हो काम
मंत्री ने इंजीनियरों से अनुशासन, गुणवत्ता और समयबद्धता को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी होनी चाहिए और निर्माण की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। झारखंड प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से अपेक्षाकृत सुरक्षित राज्य है, ऐसे में यहां बनने वाली संरचनाओं की मजबूती और दीर्घकालिक उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
इंजीनियरों की मांगों पर पहल का भरोसा
दीपिका पांडेय सिंह ने झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ की वाहन और तकनीकी प्रशिक्षण समेत अन्य मांगों को जायज बताते हुए सरकार के स्तर पर आवश्यक पहल का भरोसा दिया। उन्होंने भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की 165वीं जयंती पर उनके कार्य, अनुशासन और तकनीकी दक्षता को याद करते हुए कहा कि उनकी कार्य संस्कृति से प्रेरणा लेकर राज्य के विकास को नई दिशा दी जा सकती है।
समारोह में मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मंत्री हफीजुल हसन, विभागीय सचिव, झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अभियंता मौजूद थे। इंजीनियरिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अभियंताओं और तकनीकी कर्मियों के योगदान को भी याद किया गया।

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