
Ranchi : रांची जिला कोषागार से पशुपालन विभाग के खाते से करोड़ों रुपये की अवैध वेतन निकासी के बहुचर्चित मामले में मुख्य आरोपी प्रधान लिपिक मुनिंद्र कुमार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। राज्य की अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने मामले की जांच पूरी करने के बाद मुनिंद्र कुमार के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। हालांकि इस पूरे मामले की जांच अभी भी जारी है और अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
सीआईडी ने रांची के कोतवाली थाने में दर्ज प्राथमिकी को अपने हाथ में लेने के बाद विस्तृत अनुसंधान किया। इसके आधार पर रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई। जांच एजेंसी के अनुसार मुनिंद्र कुमार ने सरकारी वित्तीय प्रणाली की तकनीकी कमजोरियों का फायदा उठाते हुए सुनियोजित तरीके से करोड़ों रुपये का गबन किया।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच कांके स्थित पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान में लेखापाल के पद पर रहते हुए ‘कुबेर’ पोर्टल पर वेतन बिलों में हेरफेर की। उसने मूल वेतन राशि को अवैध रूप से बढ़ाया और पूर्व कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों तथा मृत कर्मचारियों के नाम पर फर्जी यूजर आईडी तैयार कर फर्जी बिल बनाए।
इन फर्जी बिलों के आधार पर जिला कोषागार से करोड़ों रुपये की स्वीकृति हासिल की गई और राशि को सीधे अपने तथा अपने करीबियों के निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कराया गया। जांच में यह भी सामने आया कि होटवार स्थित फ्रोजन सीमेन बैंक में पदस्थापना के दौरान भी उसने इस पूरे खेल को अंजाम दिया।
सीआईडी के अनुसार मुनिंद्र कुमार के खिलाफ रांची के कोतवाली थाना के अलावा रामगढ़ और खेलगांव थाना में भी अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। बाद में इन सभी मामलों की जांच सीआईडी ने अपने हाथ में ले ली। फिलहाल एजेंसी इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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