Home » RANCHI CONGRESS NEWS: राजनीतिक जमीन खिसक रही तो पेसा को लेकर झूठ फैला रहे बाबूलाल, इस नेता ने लगाया आरोप

RANCHI CONGRESS NEWS: राजनीतिक जमीन खिसक रही तो पेसा को लेकर झूठ फैला रहे बाबूलाल, इस नेता ने लगाया आरोप

by Vivek Sharma
सतीश पॉल मुंजनी
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

RANCHI: झारखंड में पेसा नियमावली को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबूलाल मरांडी अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख पेसा को लेकर झूठ फैलाकर आदिवासी समाज को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी का बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि आदिवासियों के बीच भ्रम, भय और अविश्वास फैलाने की एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने लंबे शासनकाल में पेसा कानून को लागू करने का साहस नहीं दिखाया, वे आज उसी पेसा पर ज्ञान दे रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

आदिवासी स्वशासन को संवैधानिक मजबूती

उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन सरकार द्वारा अधिसूचित पेसा नियमावली संविधान, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों, हाईकोर्ट की टिप्पणियों, व्यापक जन-परामर्श और सांसदों-विधायकों के विमर्श के बाद तैयार की गई है। यह नियमावली आदिवासी स्वशासन को कमजोर नहीं, बल्कि उसे संवैधानिक मजबूती देती है। उन्होंने कहा कि संथाल समाज सहित 35 आदिवासी जातियों की आस्था और परंपराओं पर हमला होने का आरोप पूरी तरह झूठा है। 

नियमावली में आदिवासी समाज की सामाजिक, धार्मिक और पारंपरिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने का कोई प्रावधान नहीं है। पहली बार ग्राम सभा को स्पष्ट कानूनी अधिकार, संरचना और प्रक्रिया दी गई है, ताकि पेसा कानून केवल कागजों तक सीमित न रहे। उन्होंने जल, जंगल और जमीन को लेकर लगाए गए आरोपों को भी निराधार बताया और कहा कि ग्राम सभा को सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में निर्णायक भूमिका दी गई है। झारखंड के 25 वर्षों के इतिहास में भाजपा ने सबसे अधिक समय तक शासन किया, लेकिन तब पेसा लागू नहीं किया। आज जब सरकार इसे जमीन पर उतार रही है, तो भाजपा भ्रम फैलाने में जुटी है।

Related Articles

Leave a Comment