कतरास : क्षेत्र में अवैध खनन और इससे उत्पन्न भू-धंसान के खतरों को देखते हुए शनिवार को सलानपुर बस्ती के दर्जनों ग्रामीणों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारिकारियों को आवेदन देकर जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। अपने आवेदन में लिखा है कि अवैध खनन के कारण उनके घर, मंदिर और महत्वपूर्ण सड़कें असुरक्षित हो गई हैं। प्रशासन उनके जान-माल की रक्षा के लिए यथाशीघ्र आवश्यक कार्रवाई करे और अवैध मुहानों की भराई कर खनन पर रोक लगाए।
ग्रामीणों ने बताया है कि प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं लेता है तो उनके घर-बथान कभी भी जमीन में समा सकती है। इससे जानमाल को भारी नुकसान होगा। इस काम में कई माफिया सक्रिय हैं। उन्हें रोक पाना ग्रामीणों के वश की बात नहीं है। इस विषय की गंभीरता को देखते हुए आवेदन की प्रतिलिपि विधायक बाघमारा, उपायुक्त धनबाद, वरीय पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित अन्य वरीय अधिकारियों को भी प्रेषित की है।
रोक नहीं लगी तो होगा उग्र आंदोलन
आवेदन लेकर ग्रामीण एकजुट हो रामकनाली ओपी पहुंचे और ओपी प्रभारी को आवेदन सौंपकर गुहीबांध 5 नम्बर सिम बंद खदान के मुहाने पर चल रहे अवैध खनन को तत्काल प्रभाव से बंद कराने की मांग की। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि यदि इस पर अंकुश नहीं लगा, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
थाना प्रभारी को सौंपे गए आवेदन में ग्रामीणों ने उल्लेख किया है कि सलानपुर 5 नम्बर सिम बंद कोलियरी के मुहाने के समीप फिर से अवैध खनन प्रारंभ हो गया है। इसके कारण न केवल सलानपुर बस्ती, बल्कि रामकनाली, कैशलपुर, गुहीबांध और पंचगढ़ी बाजार को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग भी गंभीर खतरे की चपेट में है। ग्रामीणों को डर है कि जिस तरह सोनारडीह में जमीन फटी, वैसा ही मंजर यहां भी देखने को मिल सकता है।
आवेदन देने वालों में मुख्य रूप से शम्मु दास, नेपाल चक्रवर्ती, अमित रवानी, सुमारितो चटर्जी, संजय महतो, पिंटू कुम्हार, अंजन सिंह, गोपाल दास और राधेश्याम दास सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल थे।
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