
Ranchi : बेरोजगार युवाओं के लिए संचालित आय वृद्धि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। सोमवार को जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही पूछा कि बेरोजगारों के लिए शुरू की गई इस महत्वपूर्ण योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन अब तक क्यों नहीं हो पाया। मामले की अगली सुनवाई एक अक्तूबर को होगी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज और अधिवक्ता आकाश अजीत कुमार ने अदालत को बताया कि वर्ष 2023 के बाद से रांची जिले के पात्र बेरोजगार युवाओं को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 और 2024 में इस योजना के लिए आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं किया गया, जिसके कारण राशि वापस चली गई।
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी बताया गया कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी से पता चला कि जिला कल्याण पदाधिकारी ने लाभार्थियों की सूची सत्यापन के लिए उच्च अधिकारियों को भेज दी थी। हालांकि, अब तक स्वीकृत सूची वापस नहीं आने के कारण पात्र लाभुक योजना के लाभ से वंचित हैं।
याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2015 में शुरू की गई आय वृद्धि योजना का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था। इसके बावजूद रांची जिले में योजना का अपेक्षित स्तर पर क्रियान्वयन नहीं हो सका है। याचिकाकर्ता ने अदालत से सभी पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।
मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि योजना के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई एक अक्तूबर को होगी।

