जमशेदपुर : झारखंड के प्राथमिक विद्यालयों में नए साल की शुरुआत के साथ ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने घोषणा की है कि क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं में पढ़ाई को मजबूत करने के लिए 10,000 नए शिक्षकों की बहाली की जाएगी।
क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं के लिए बहाली
शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य में नौ जनजातीय और छह क्षेत्रीय भाषाओं के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए सभी जिलों से सर्वे कर रिपोर्ट मंगाई गई है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इन नियुक्तियों के तहत शिक्षक घंटी आधारित पढ़ाई कराएंगे। एक टीम बनाई जा रही है, जो बंगाल और अन्य राज्यों में क्षेत्रीय और जनजातीय भाषा वाले स्कूलों के मॉडल का अध्ययन करेगी। इन मॉडलों से जो बेहतर तरीका होगा, उसे झारखंड में लागू किया जाएगा।
स्कूलों में सुरक्षा और अन्य सुविधाओं पर जोर
रामदास सोरेन ने कहा कि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के दौरे के दौरान उन्होंने पाया कि स्कूलों में व्यवस्थाएं तो बेहतर हैं, लेकिन सुरक्षा और रखरखाव का अभाव है। सभी स्कूलों में दो सिक्योरिटी गार्ड और एक माली की बहाली आउटसोर्सिंग के जरिए की जाएगी। यह कदम छात्रों की सुरक्षा और स्कूल के बेहतर रखरखाव को सुनिश्चित करेगा।
शहर में प्रतिनियोजन होगा खत्म
गांव के स्कूलों में पदस्थापित शिक्षकों के शहरों में सेटिंग-गेटिंग से प्रतिनियोजन को लेकर शिक्षा मंत्री ने सख्ती दिखाई। जिला शिक्षा पदाधिकारी को ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। खासकर हाई स्कूलों में इस तरह के प्रतिनियोजन को समाप्त किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री का लगातार दौरा
शिक्षा मंत्री ने बताया कि वे लगातार स्कूलों का दौरा कर रहे हैं और शिक्षकों से बातचीत कर रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को बेहतर करना है।

