
रांची: राजधानी की सड़कों पर शनिवार को सियासत का पारा हाई हो गया। जेएनयू की एक गंभीर घटना की आंच झारखंड तक पहुंच गई। जेएनयू के एक सांसद सह प्रोफेसर पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। हाथों में तख्तियां और बैनर थामे सैकड़ों महिलाएं सीधे कांग्रेस दफ्तर का घेराव करने निकल पड़ीं।
स्थिति भांपते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। श्रद्धानंद रोड के एंट्री पॉइंट पर ही भारी बैरिकेडिंग और महिला सुरक्षाबलों की फौज तैनात कर दी गई थी। पुलिस ने जब बीजेपी कार्यकर्ताओं को कांग्रेस कार्यालय तक जाने से रोका, तो वहां माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। बैरिकेडिंग पार करने की जिद पर अड़ी महिलाओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और खींचातानी हुई।
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच मैदान में महिला कांग्रेस भी उतर आई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रमा खलखो और सुंदरी तिर्की के नेतृत्व में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता भी झंडे-बैनर लेकर सड़क पर आ गईं और बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों तरफ से हो रहे प्रदर्शनों से कुछ देर के लिए शहर के इस हिस्से में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
क्यों मचा है बवाल… जानिए विस्तार से
विवाद की जड़ दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की वह घटना है, जहां 11 छात्राओं ने कांग्रेस सांसद और प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोईजाम पर मानसिक प्रताड़ना और यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। यूनिवर्सिटी की इंटरनल कमेटी की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद आरोपी प्रोफेसर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।
रांची में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सीमा सिंह और पूर्व अध्यक्ष आरती सिंह का कहना है कि छात्राओं का भविष्य सुधारने के नाम पर उनके साथ खिलवाड़ किया गया है, लेकिन कांग्रेस के बड़े नेता इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जो अक्सर महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, अपनी ही पार्टी के सांसद पर लगे इन आरोपों पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। पार्टी ने मांग की है कि आरोपी सांसद पर फौरन कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस का पलटवार,ध्यान भटकाने की साजिश
कांग्रेस ने भाजपा के इस प्रदर्शन को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताया है। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि देश में चल रहे अन्य बड़े मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यह सब ढोंग रचा जा रहा है। महिला कांग्रेस ने उलटा सवाल उठाया कि भाजपा अपनी पार्टी के नेताओं और अन्य मामलों पर क्यों चुप्पी साध लेती है। बहरहाल, जेएनयू की इस घटना के बहाने झारखंड की राजधानी में महिला संगठनों का यह सड़क पर उतरा संग्राम सियासी गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

