
रांची:झारखंड में माध्यमिक शिक्षकों (माध्यमिक आचार्य) की भर्ती प्रक्रिया में एक बार फिर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों की सिफारिश मिलने के बाद शिक्षा विभाग को कई तरह की शिकायतें मिली हैं, जिसके बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी चयनितों के कागजात दोबारा जांचने के आदेश दिए हैं।
अंतिम चरण में अटकी प्रक्रिया
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने सफल अभ्यर्थियों की सूची शिक्षा विभाग को भेजी थी। विभाग ने काउंसलिंग पूरी कर ली थी। अब नियुक्ति पत्र बांटने की तैयारी चल रही थी। तभी अचानक इस पर रोक लग गई। गड़बड़ी की शिकायतें मिलते ही स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद को मामले की तह तक जाकर जांच करने का निर्देश दिया है।
जांच के बाद ही मिलेंगे जॉइनिंग लेटर
विभाग ने साफ कर दिया है कि जब तक सारे प्रमाणपत्रों की सच्चाई सामने नहीं आ जाती, किसी को भी नियुक्ति पत्र नहीं दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारियों को जो शिकायतें मिली हैं, वे काफी हैरान करने वाली हैं।
चयनित उम्मीदवारों में से कई लोगों ने एक ही निजी विश्वविद्यालय से डिग्री ली है। कई अभ्यर्थी एक ही बैच के हैं, उनके विषय भी सेम हैं और तो और… उनके नंबर भी बिल्कुल बराबर हैं!
778 उम्मीदवारों की सिफारिशों पर फंसा पेंच
बता दें कि कुल 1,373 पदों के लिए यह भर्ती निकाली गई थी, जिनमें से JSSC ने फिलहाल 20 अलग-अलग विषयों में 778 उम्मीदवारों के नामों की सिफारिश विभाग से की है।
मुख्य विषयों में शामिल पद:
बड़े विषय: राजनीति शास्त्र (190), समाजशास्त्र (128), विशेष शिक्षा (70) और गृह विज्ञान (52)। क्षेत्रीय व जनजातीय भाषाओं में संताली (55), उर्दू (39), नागपुरी (18), खोरठा (17), कुड़ुख (16), हो (15) और मुंडारी (11) समेत अन्य हैं। इस पूरे मामले पर कड़े री-वेरिफिकेशन के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी कि नियुक्ति पत्र कब बांटे जाएंगे।

